स्वास्थ्य विभाग के एक फैसले से राज्य के हजारों जीवन दीप कर्मचारियों के समक्ष रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया है. ये वे कर्मचारी हैं जो नियमित या स्थायी भी नही हैं तथा नाममात्र के शुल्क पर जो कमीशन मिलता है, उसी कमाई से अपना परिवार चलाते हैं लेकिन हाल ही में लिए गए एक फैसले से इन लोगों के समक्ष परिवार चलाने का संकट आन खड़ा हो गया है.
सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव की इच्छानुरूप संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें ने फैसला किया है कि 1 जनवरी 2023 से मुक्त डायग्नोसिस नीति का पालन किया जायेगा. इसके अनुसार विभाग आगामी एक जनवरी से मुफत् दवा नीति और 1 अप्रैल 2023 से मुफत डायग्नोसिस निति लागू की जायेगी. इसके बाद सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ये सेवाएं फ्री मिलेंगी और उन्हें कोई शुल्क नही देना होगा.
सनद रहे कि अभी तक सरकार ने कुछ शुल्क तय कर रखा था जिसका कुछ कमीशन जीवन दीप समिति को मिलता था तथा इसी से जीवन दीप कर्मचारियों को तनखवाह और बाकी खर्चे निकलते थे लेकिन अब यह राशि बंद हो जाने की आशंका के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा.

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