छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खरवे गांव में सामने आया एक हैरान करने वाला मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले तीन महीनों के दौरान गांव के 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद अब प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कब्र में दफन किए गए 7 शवों को बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मृतकों को कथित रूप से जहरीली शराब पिलाई गई थी। वहीं गांव में खजाने की तलाश और मानव बलि जैसी चर्चाओं ने इस पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है।
कब्र से निकाले गए शव
प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की मदद से 6 और शव कब्र से निकाले गए। इससे पहले एक शव को जांच के लिए बाहर निकाला जा चुका था।
जांच अधिकारियों के अनुसार:
- कुल 8 लोगों की मौत हुई थी।
- 7 शवों को दोबारा परीक्षण के लिए निकाला गया।
- एक मृतक का अंतिम संस्कार हो चुका था, इसलिए उसका परीक्षण संभव नहीं है।
- सभी नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक फरवरी से मई 2026 के बीच गांव के 8 लोगों की मौत हुई। मृतकों में ग्रामीण, किसान और पूर्व सरपंच भी शामिल हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि सभी मृतकों का संपर्क गांव के एक व्यक्ति से था। आरोप है कि उसने शराब पिलाई थी, जिसके बाद एक-एक कर लोगों की मौत होती गई।
ग्रामीणों के अनुसार एक अन्य व्यक्ति ने भी वही शराब पी थी, लेकिन समय पर उल्टी हो जाने के कारण उसकी जान बच गई। इसी घटना के बाद पूरे मामले पर संदेह गहराया।
जांच में जुटी संयुक्त टीम
ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम गठित की गई है।
जांच के मुख्य बिंदु:
- मौत का वास्तविक कारण
- कथित जहरीले पदार्थ की पहचान
- शराब के स्रोत की जांच
- मृतकों के बीच संभावित संबंध
- ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि
खजाने के लिए बलि की चर्चा
गांव में यह चर्चा भी फैल गई है कि जमीन में गड़े कथित खजाने को पाने के लिए लोगों की बलि दी गई हो सकती है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक ऐसी किसी बात का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जांच एजेंसियां केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों में डर और गुस्सा
घटना के बाद गांव में भय का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण जांच स्थल पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि किसी ने जानबूझकर जहरीली शराब देकर लोगों की हत्या की है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल पूरे मामले का सच पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें जहरीली शराब से हुईं, किसी अन्य जहरीले पदार्थ से हुईं या फिर इसके पीछे कोई अलग वजह थी।
बलौदाबाजार का यह मामला अब पूरे प्रदेश की नजरों में है। 8 मौतों का रहस्य, कब्र से निकाले गए शव और खजाने की चर्चाओं ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सकती है।

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