भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने विकास, स्वास्थ्य, वन संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं पर मुहर लगी। इनमें सबसे चर्चित फैसला इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत बढ़ाने और अभयारण्यों के भीतर बसे 94 गांवों के पुनर्वास को मंजूरी देना रहा।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से राज्य में आधारभूत ढांचे का विकास तेज होगा, स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इंदौर मेट्रो को मिली बड़ी मंजूरी
कैबिनेट ने Indore Metro की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। अब परियोजना की कुल लागत 19,472.29 करोड़ रुपये होगी।
मुख्य बिंदु:
• मेट्रो परियोजना के बजट में बड़ा इजाफा।
• अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी।
• शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर।
• इंदौर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने की तैयारी।
सरकार का मानना है कि मेट्रो परियोजना पूरी होने के बाद शहर में आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
94 गांवों के पुनर्वास को मंजूरी
वन संरक्षण और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 94 गांवों के पुनर्वास के लिए बड़ा बजट स्वीकृत किया है।
योजना के तहत:
• वर्ष 2026 से 2031 तक पुनर्वास कार्य होगा।
• कुल 2,381 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
• प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।
• कानूनी प्रक्रिया के तहत भूमि और संपत्तियों का अधिग्रहण होगा।
यह योजना कई महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्रों में लागू की जाएगी।
किन क्षेत्रों में होगा पुनर्वास?
पुनर्वास योजना निम्न संरक्षित क्षेत्रों में लागू होगी:
• Kuno National Park
• Panna Tiger Reserve
• Satpura Tiger Reserve
• Sanjay Tiger Reserve
• Ratapani Tiger Reserve
• Orchha Wildlife Sanctuary
• Veerangana Durgavati Tiger Reserve
सरकार का कहना है कि इससे वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा बदलाव
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्सिंग मॉडल पर संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रायोगिक तौर पर:
• रीवा
• देवास
• गुना
के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मेगा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी पर जोर
कैबिनेट ने “मेगा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमोशन पॉलिसी-2026” के क्रियान्वयन के लिए पांच सदस्यीय उपसमिति गठित करने का निर्णय भी लिया है।
इस समिति की जिम्मेदारी होगी:
• सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
• निजी और संस्थागत निवेश को बढ़ावा।
• विश्वस्तरीय स्वास्थ्य ढांचा विकसित करने की रणनीति तैयार करना।
आदिवासी छात्रों और रोजगार योजनाओं को भी मंजूरी
बैठक में सामाजिक विकास से जुड़े कई फैसले भी लिए गए।
मुख्य स्वीकृतियां:
• आदिवासी छात्रों के लिए 687 करोड़ रुपये।
• रेशम उद्योग से जुड़े रोजगार कार्यक्रमों के लिए 639.25 करोड़ रुपये।
• ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की योजना।
विकास और संरक्षण दोनों पर फोकस
मध्य प्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां मेट्रो और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाया गया है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण पुनर्वास के लिए भी बड़े बजट का प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण को बड़ा लाभ मिल सकता है।

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