दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में झुग्गी पुनर्वास और पुनर्स्थापन को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों का सीधा लाभ राजधानी के करीब 4 लाख परिवारों को मिलने की उम्मीद है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि पुनर्वास केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। नई पुनर्वास कॉलोनियों में स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और अन्य आवश्यक सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे पुनर्वासित परिवारों को आधुनिक शहरी जीवन की सुविधाएं मिल सकेंगी।
45 दिनों में जारी होंगे टेंडर
बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) को निर्देश दिए गए कि वे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पांच प्रमुख झुग्गी क्लस्टरों के पुनर्वास के लिए 45 दिनों के भीतर टेंडर जारी करें।
इसके अलावा 50 अन्य झुग्गी क्लस्टरों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और निविदा दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया है। इससे पुनर्वास योजनाओं को तेजी से लागू करने का रास्ता साफ होगा।
4 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस नई योजना का लाभ दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लगभग 4 लाख परिवारों को मिलेगा।
पुनर्वास योजना के लिए पात्रता तय करने हेतु 1 जनवरी 2025 को कटऑफ तिथि माना जाएगा। यानी इस तारीख तक झुग्गियों में रहने वाले पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकेंगे।
नई नीति जल्द होगी लागू
बैठक में दिल्ली स्लम और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026 को जल्द अधिसूचित करने का निर्देश भी दिया गया। इस नीति के लागू होने के बाद पुनर्वास प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो जाएगी।
यमुना के पानी को लेकर भी बनी सहमति
बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर भी अहम प्रगति हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति जताई है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से यमुना नदी में स्वच्छ जल का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे नदी के पुनर्जीवन और सफाई अभियान को मजबूती मिलेगी। साथ ही दिल्ली को भविष्य में अतिरिक्त जल उपलब्ध कराने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
प्रमुख फैसलों की एक नजर में
- दिल्ली के 4 लाख परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा।
- नई कॉलोनियों में स्कूल, अस्पताल और खेल मैदान बनाए जाएंगे।
- 45 दिनों के भीतर 5 झुग्गी क्लस्टरों के लिए टेंडर जारी होंगे।
- 50 अतिरिक्त क्लस्टरों के लिए DPR तैयार की जाएगी।
- 1 जनवरी 2025 पात्रता निर्धारण की कटऑफ तिथि होगी।
- किशाऊ बांध परियोजना पर राज्यों के बीच सहमति बनी।
- यमुना में स्वच्छ जल प्रवाह बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम।

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