August 28, 2026

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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से करता था ठगी, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

इंदौर। मध्य प्रदेश की इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस ने फिर एक नकली एसडीएम को गिरफ्तार किया है, आरोपी युवक खुद को एसडीएम बताकर लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी इससे पहले भी सीहोर में गिरफ्तार हुआ था।

दरअसल, इंदौर क्राइम ब्रांच क्राइम ब्रांच ने हीरा नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले फरियादी की शिकायत पर नकली एसडीएम बन कर 4 लाख की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम मुकेश सिंह है, जो होशंगाबाद का रहने वाला है। लेकिन लॉकडाउन के वक्त वह इंदौर के बंगाली चौराहे के पास रहा था। इसी दौरान आरोपी की मुलाकात स्टूडियो संचालक से हुई। आरोपी मुकेश ने फरियादी के भाई को पटवारी की नौकरी लगवाने के नाम पर 4 लाख रुपए ले लिए। आरोपी ने बताया कि उसने किसी को एसडीएम रहते हुए चांटा मार दिया था, जिसके बाद से उसे पद से हटा दिया गया और वह इंदौर में मानव अधिकार आयोग में पदस्थ है।

नौकरी ना लगने पर हुआ शक

इधर, पैसे देने के बाद भी नौकरी ना लगने पर फरियादी को शक हुआ। जिसके बाद फरियादी ने पूरे मामले की इंदौर क्राइम ब्रांच से शिकायत क। वहीं शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई है।

2017 में सीहोर में भी ठगी के मामले में पकड़ा गया था आरोपी

पूछताछ में पुलिस को पता लगा है कि आरोपी पूर्व में भी सीहोर के दोहरा थाने में गिरफ्तार हो चुका है। 2017 में आरोपी के खिलाफ नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला दर्ज हुआ था। फिलहाल इंदौर क्राइम ब्रांच बारीकी से पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। आरोपी सीहोर से जमानत पर है या फिर फरार है इसकी भी जानकारी पुलिस जुटा रही है।

पीएससी परीक्षा में फेल होने के बाद बना नकली एसडीएम

पुलिस ने बताया कि आरोपी एमपीपीएससी की प्री परीक्षा निकाल चुका था, लेकिन मेंस में फेल हो जाने के कारण उसका सिलेक्शन नहीं हो पाया था। इसके बाद से वह नकली एसडीएम बनकर लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।