रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग में नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है। अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी आदेश के तहत आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के नाम घोषित किए गए हैं।
नई नियुक्तियों के बाद आयोग में नई टीम का गठन हो गया है। शासन की ओर से यह आदेश छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 1996 तथा संशोधित अधिनियम, 2020 के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया है।
रामलाल चौहान बने अध्यक्ष
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार रामलाल चौहान को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनके साथ वेदराम मनहर को आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा तीन सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इससे आयोग की नई टीम पूरी हो गई है।
आयोग की नई टीम की पूरी List
- अध्यक्ष: रामलाल चौहान
- उपाध्यक्ष: वेदराम मनहर
- सदस्य: सौरभ सिंह जागृत
- सदस्य: दुर्गा महेश्वर
- सदस्य: दयावत घर बाधे
सरकार के आदेश के बाद अब नवनियुक्त पदाधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
किस कानून के तहत हुई नियुक्ति?
राज्य सरकार ने इन नियुक्तियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 1996 और यथासंशोधित छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2020 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल किया है।
इस आयोग का गठन अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े अधिकारों और उससे संबंधित मामलों पर संवैधानिक एवं कानूनी व्यवस्था के तहत काम करने के लिए किया गया है।
नई नियुक्तियों के बाद आयोग के सामने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई और संबंधित मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी।
राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त रहेगा कार्यकाल
आदेश में नियुक्त पदाधिकारियों के कार्यकाल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। इसके मुताबिक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और प्रत्येक सदस्य जिस तारीख को अपना पद ग्रहण करेंगे, उसी तारीख से राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त पद पर बने रहेंगे।
यानी नियुक्ति की अवधि किसी निश्चित वर्षों की समयसीमा के बजाय आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त रहेगी।
इसके अलावा पद छोड़ने की स्थिति में भी आदेश में प्रावधान किया गया है।
कोई भी अध्यक्ष या सदस्य किसी भी समय राज्य सरकार को संबोधित अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र के माध्यम से पद से इस्तीफा दे सकता है।
राज्यपाल के नाम से जारी हुआ आदेश
छत्तीसगढ़ शासन का यह आदेश राज्यपाल के नाम से और उनके आदेशानुसार जारी किया गया है। आदेश पर अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेदी के डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज हैं।
25 अगस्त 2026 को जारी इस आदेश के बाद आयोग के नए पदाधिकारियों के नाम आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं।
नई टीम से क्या उम्मीदें?
आयोग में नई नियुक्तियों के बाद अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मुद्दों पर आयोग की सक्रियता महत्वपूर्ण रहेगी। खासतौर पर अधिकारों से जुड़े मामलों, शिकायतों और संबंधित प्रशासनिक विषयों पर आयोग की भूमिका पर नजर रहेगी।
नई टीम के सामने प्रमुख रूप से ये जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं:
- अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों पर सुनवाई।
- अधिकारों और हितों से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई।
- संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी लेना।
- अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मुद्दों को शासन के सामने रखना।
- कानून के तहत आयोग को दिए गए दायित्वों का निर्वहन करना।
फिलहाल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोग की नई टीम का ऐलान कर दिया गया है। रामलाल चौहान अध्यक्ष, वेदराम मनहर उपाध्यक्ष और सौरभ सिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावत घर बाधे सदस्य बनाए गए हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई टीम कार्यभार संभालने के बाद आयोग के कामकाज को किस तरह आगे बढ़ाती है और अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों में उसकी सक्रियता कैसी रहती है।

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