छोटा कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स के लिए केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना आर्थिक मदद के साथ-साथ डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने वाली कई सुविधाएं देती है। इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के चरणबद्ध तरीके से लोन दिया जाता है। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों को यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी मिल सकती है।
खास बात यह है कि समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड के जरिए तय अवधि तक ब्याज मुक्त क्रेडिट की सुविधा मिलती है। इससे रोजमर्रा के कारोबार में अचानक आने वाली पैसों की जरूरत को पूरा करना आसान हो सकता है।
₹15 हजार से ₹50 हजार तक का लोन
पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को तीन चरणों में बिना गारंटी के कर्ज उपलब्ध कराया जाता है।
पहले चरण में ₹15,000 तक का लोन
दूसरे चरण में ₹25,000 तक का लोन
तीसरे चरण में ₹50,000 तक का लोन
समय पर पुराने लोन का भुगतान करने वाले विक्रेताओं को अगले चरण के लिए पात्रता मिल सकती है। इस तरह योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को धीरे-धीरे अधिक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है।
₹30 हजार तक का रुपे क्रेडिट कार्ड
योजना की एक अहम सुविधा यूपीआई से लिंक रुपे क्रेडिट कार्ड है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुकाने वाले पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को ₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट वाला कार्ड मिल सकता है।
यह सुविधा उन कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें सब्जी, फल, खाने-पीने की सामग्री या अन्य सामान खरीदने के लिए छोटी अवधि की अतिरिक्त रकम की जरूरत पड़ती है।
20 से 50 दिन तक ब्याज मुक्त क्रेडिट
इस सुविधा की सबसे खास बात ब्याज मुक्त क्रेडिट अवधि है। समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी को 20 से 50 दिनों तक बिना ब्याज के क्रेडिट का लाभ मिल सकता है।
हालांकि, ब्याज मुक्त अवधि और अन्य शर्तें कार्ड जारी करने वाले बैंक या संस्था के नियमों पर निर्भर कर सकती हैं। इसलिए आवेदन या कार्ड इस्तेमाल करने से पहले संबंधित बैंक की शर्तों को जरूर समझ लेना चाहिए।
डिजिटल पेमेंट पर कैशबैक का भी फायदा
पीएम स्वनिधि योजना के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेनदेन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। योजना के तहत पात्र विक्रेताओं को डिजिटल खुदरा या थोक लेनदेन पर ₹1,600 तक का कैशबैक प्रोत्साहन मिलने की व्यवस्था बताई गई है।
इसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना है।
कौन ले सकता है लाभ?
योजना मुख्य रूप से स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है। आवेदन के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेजों में आम तौर पर ये चीजें शामिल हो सकती हैं:
आधार कार्ड
पैन कार्ड
वेंडिंग सर्टिफिकेट
लेटर ऑफ रिकमेंडेशन यानी एलओआर
शहरी स्थानीय निकाय या संबंधित कार्यालय का पहचान पत्र
बचत बैंक खाते का विवरण
वर्तमान पते का प्रमाण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित क्रेडिट कार्ड सुविधा के लिए आवेदक की उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए और बैंक या वित्तीय संस्था में गंभीर बकाया यानी एनपीए या राइट-ऑफ खाता नहीं होना चाहिए।
ऑटो-डेबिट की सुविधा भी
क्रेडिट कार्ड जारी करते समय बिल भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट सुविधा को ग्राहक की सहमति के आधार पर सक्रिय किया जा सकता है। कार्डधारक बाद में उपलब्ध विकल्पों के अनुसार भुगतान का दूसरा तरीका चुन सकता है।
इसका मकसद समय पर बिल भुगतान को आसान बनाना है, ताकि लाभार्थी को उपलब्ध ब्याज मुक्त अवधि का सही तरीके से फायदा मिल सके।
छोटे कारोबारियों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
स्ट्रीट वेंडर्स के कारोबार में रोजाना खरीदारी और बिक्री के बीच नकदी की जरूरत बनी रहती है। ऐसे में छोटी अवधि का क्रेडिट कारोबार को जारी रखने में मदद कर सकता है।
पीएम स्वनिधि योजना के जरिए सरकार का फोकस केवल लोन देने तक सीमित नहीं है। डिजिटल भुगतान, समय पर कर्ज चुकाने की आदत और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ाव को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अगर आप स्ट्रीट वेंडर हैं और योजना के तहत पहले से लोन ले चुके हैं, तो क्रेडिट कार्ड सुविधा के लिए अपनी पात्रता और बैंक की मौजूदा शर्तों की जांच करना उपयोगी रहेगा।

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