August 11, 2026

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शराब घोटाला केस में रामगोपाल अग्रवाल को बड़ा झटका, ED को मिली 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए रामगोपाल अग्रवाल को पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है।

अब ED अगले पांच दिनों तक उनसे कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन तथा अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी। रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें 17 अगस्त 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

विशेष कोर्ट की जगह जिला अदालत में हुई सुनवाई

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ED की विशेष अदालत में होनी थी। लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई।

ED ने अदालत के सामने दलील रखी कि मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए रामगोपाल अग्रवाल से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन, शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की कड़ियों को खंगालना चाहती है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने ED को पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड दे दी।

रिमांड में किन पहलुओं पर होगी पूछताछ?

ED की पूछताछ के दौरान कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाए जाने की संभावना है। इनमें खास तौर पर:

  • शराब कारोबार में कथित भूमिका
  • संदिग्ध वित्तीय लेन-देन
  • रकम के कथित प्रवाह और इस्तेमाल
  • संबंधित व्यक्तियों से संपर्क
  • वित्तीय दस्तावेज और लेन-देन की कड़ियां
  • कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संभावित संबंध

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल

रामगोपाल अग्रवाल की पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला न्यायालय पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।

ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी के पास ठोस सबूत नहीं हैं और कार्रवाई परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कथित गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए और ED की कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराया।

हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं। मामले में आरोपों और जांच एजेंसी के दावों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होना बाकी है।

₹3,400 करोड़ के कथित शराब घोटाले की जांच

छत्तीसगढ़ में शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं को लेकर ED और राज्य की अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से जांच कर रही हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में करीब ₹3,400 करोड़ का कथित घोटाला हुआ।

इस प्रकरण में पहले भी कई आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ तथा कार्रवाई हो चुकी है। शराब घोटाले के अलावा कोयला लेवी और अन्य कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच भी अलग-अलग स्तर पर चलती रही है।

जेल में अनवर ढेबर के सामने बैठाकर हुई थी पूछताछ

जानकारी के अनुसार, कोयला घोटाला मामले में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद EOW-ACB ने रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया।

इसके बाद ED ने रविवार को उन्हें सेंट्रल जेल में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की थी। अब पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसी कथित वित्तीय नेटवर्क की कड़ियों को और विस्तार से खंगाल सकती है।

करीब तीन साल बाद किया था सरेंडर

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी से पहले भी यह मामला लंबे समय से जांच के घेरे में रहा है। उन्हें करीब तीन साल तक फरार बताया जाता रहा। इसके बाद 8 जुलाई 2026 को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था।

सरेंडर के बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने शुरुआत में 9 जुलाई से 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड मंजूर की थी। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया।

अब ED की कार्रवाई ने इस मामले में उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

17 अगस्त को फिर होगी पेशी

अदालत के आदेश के बाद रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल ED की कस्टडी में हैं। पांच दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 17 अगस्त को फिर अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाए या जांच एजेंसी को आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त कस्टडी दी जाए।

फिलहाल ED का फोकस कथित शराब घोटाले में धन के प्रवाह, वित्तीय दस्तावेजों, लेन-देन और संबंधित लोगों के बीच संभावित कड़ियों को खंगालने पर है। आने वाले दिनों में पूछताछ से जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है।