August 11, 2026

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राहुल गांधी की 3 मांगों से संसद में बढ़ा घमासान, अमित शाह से पूछा- छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया?

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में छात्र प्रदर्शन और दिल्ली में पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह का कोई सामान्य भाषण सुनना नहीं चाहता, बल्कि वह इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब चाहता है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को यह बताना होगा कि 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर इस मुद्दे पर सीधे जवाब देना चाहिए।

राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं 3 मांगें

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष की प्रमुख मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जब तक इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक केवल सामान्य चर्चा से बात नहीं बनेगी।

  1. छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया?

राहुल गांधी ने मांग की कि गृह मंत्री संसद में स्पष्ट करें कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित गोलीबारी, पेलेट गन और अन्य बल प्रयोग का आदेश किसने दिया।

उनका कहना था कि विपक्ष जानना चाहता है कि इस कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी थी। राहुल गांधी ने कहा कि अगर गृह मंत्री ने आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह प्रशासनिक अक्षमता का मामला है।

  1. प्रधानमंत्री से मांगी माफी

राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी रखी।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हुई कार्रवाई पर सरकार को जवाब देना चाहिए और युवाओं के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

  1. राम मंदिर दान को लेकर जवाब की मांग

राहुल गांधी ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मामले को भी संसद में उठाना चाहता है और सरकार को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

‘हमें सामान्य भाषण नहीं सुनना’

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की मांग यह नहीं है कि अमित शाह संसद में आकर किसी सामान्य विषय पर भाषण दें। विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सीधे उस सवाल का जवाब दें कि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आदेश किसने दिया।

उन्होंने कहा कि चर्चा तभी सार्थक होगी, जब सरकार इस मामले में जिम्मेदारी तय करने को लेकर स्पष्ट जवाब दे।

सरकार ने चर्चा के लिए जताई तैयारी

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार छात्र आंदोलन में हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा था कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में इस विषय पर अपनी बात रखेंगे।

सरकार की ओर से चर्चा की पेशकश के बाद भी विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि केवल सामान्य चर्चा के बजाय विपक्ष पहले कार्रवाई की जिम्मेदारी और आदेश देने वाले व्यक्ति को लेकर जवाब चाहता है।

संसद में जारी है गतिरोध

छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा संसद के भीतर और बाहर लगातार राजनीतिक विवाद का कारण बना हुआ है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के अन्य विपक्षी दलों के सांसद इन मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं, सरकार का कहना है कि वह संबंधित मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में कब और किस तरह विपक्ष के सवालों का जवाब देते हैं।

फिलहाल इस मुद्दे ने संसद की कार्यवाही के साथ-साथ राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। विपक्ष जहां सीधे जवाब और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार चर्चा के जरिए अपना पक्ष रखने की तैयारी में है।