August 11, 2026

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रेंजर की सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर 8 लाख की ठगी; तीन आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। वन विभाग में रेंजर के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नौकरी लगवाने का भरोसा देकर प्रार्थी से रकम ली और विश्वास बनाए रखने के लिए मंत्रालय से जारी होने का दावा करते हुए फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी सौंप दिया।

करीब तीन साल तक नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने के बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

बेटे को रेंजर बनाने का दिया झांसा

पुलिस के मुताबिक, भिलाई के सेक्टर-2 निवासी दिनेश कुमार ने 9 अगस्त 2026 को भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में तीन लोगों ने उनसे संपर्क किया और उनके बेटे को वन विभाग में रेंजर के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

सरकारी नौकरी का झांसा मिलने के बाद प्रार्थी ने आरोपियों पर भरोसा किया और उनके कहने पर कुल 8 लाख रुपये दे दिए।

मंत्रालय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर जीता भरोसा

आरोपियों ने केवल नौकरी दिलाने का मौखिक आश्वासन नहीं दिया, बल्कि प्रार्थी का विश्वास बनाए रखने के लिए मंत्रालय से जारी होने का दावा करते हुए एक नियुक्ति प्रमाण पत्र भी सौंपा।

बाद में यह दस्तावेज फर्जी निकला। निर्धारित समय बीतने के बावजूद जब बेटे की नौकरी नहीं लगी तो दिनेश कुमार ने आरोपियों से रकम वापस करने के लिए संपर्क किया।

इसके बाद कांकेर निवासी आरोपी भारतेंदु मेश्राम कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाकर रकम लौटाने से बचता रहा।

करीब तीन साल तक चलता रहा झांसा

पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब तीन साल तक प्रार्थी को भरोसा दिलाते रहे कि जल्द ही नौकरी लग जाएगी या पैसे वापस कर दिए जाएंगे।

लेकिन समय बीतता गया और:

  • बेटे की सरकारी नौकरी नहीं लगी।
  • 8 लाख रुपये वापस नहीं किए गए।
  • आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे।
  • नियुक्ति प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया।

लगातार परेशान होने के बाद प्रार्थी ने पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा

शिकायत मिलने के बाद भिलाई भट्ठी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।

इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में:

  • भारतेंदु मेश्राम — निवासी कांकेर
  • हनी श्रेष्ट — निवासी कोहका, भिलाई
  • भोजेन्द्र कुमार — निवासी बालोद

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों से नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने और फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र देने से जुड़े तथ्यों की जानकारी मिली। इसके बाद तीनों को 11 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट से आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

अब पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र कहां तैयार कराया गया था और ठगी की रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

क्या किसी और को भी बनाया शिकार?

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर सकती है कि आरोपियों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति से भी रकम तो नहीं ली।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से रहें सावधान

यह मामला सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से लोगों को सतर्क रहने का संदेश भी देता है। सरकारी विभागों में भर्ती निर्धारित नियमों, आधिकारिक विज्ञापन और तय चयन प्रक्रिया के तहत होती है।

किसी व्यक्ति द्वारा सीधे सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम मांगना संदेह का विषय होना चाहिए। खासकर कोई व्यक्ति मंत्रालय या विभाग का नियुक्ति पत्र दिखाकर पैसे मांगता है तो उसकी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

नौकरी के नाम पर ठगी से बचने के लिए

  • सरकारी भर्ती की जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से जांचें।
  • नौकरी लगवाने के नाम पर किसी बिचौलिए को पैसे न दें।
  • नियुक्ति पत्र की विभागीय स्तर पर पुष्टि करें।
  • संदिग्ध दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच कराएं।
  • पैसे के लेन-देन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को शिकायत दें।

फिलहाल भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब 8 लाख रुपये के लेन-देन, फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र और मामले में संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।