August 8, 2026

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छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 को मिली मंजूरी, 3000 करोड़ से ज्यादा का निवेश और 9000 रोजगार का रास्ता साफ

रायपुर/राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रदेश के राजनांदगांव जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को राज्य में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तावित इस क्लस्टर से प्रदेश में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। साथ ही करीब 9000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इससे खासकर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर खुल सकते हैं।

210 करोड़ रुपये से ज्यादा की केंद्रीय सहायता

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने EMC 2.0 परियोजना के लिए 210.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मंजूर की है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 432.08 करोड़ रुपये बताई गई है।

इस क्लस्टर को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा विकसित किया जाएगा। इसके लिए लगभग 306 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी इकाइयों के लिए उत्पादन और कारोबार करना आसान हो सके।

क्लस्टर में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

EMC 2.0 के तहत तैयार होने वाले औद्योगिक परिसर में कई जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • भरोसेमंद बिजली आपूर्ति
  • पानी की पर्याप्त व्यवस्था
  • वेयरहाउसिंग सुविधाएं
  • आधुनिक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर
  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयों के लिए जरूरी सुविधाएं
  • उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सपोर्ट सिस्टम

इन सुविधाओं का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना है।

सेमीकंडक्टर और EV सेक्टर की कंपनियों की रुचि

इस क्लस्टर की खास बात यह है कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े चार बड़े उद्योग समूहों ने यहां अपना कारोबार शुरू करने में रुचि दिखाई है।

अगर ये निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतरते हैं तो छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन विकसित होने की संभावना बढ़ सकती है। इससे केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि कंपोनेंट निर्माण, सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा फायदा

राज्य सरकार का फोकस इस परियोजना से पैदा होने वाले रोजगार के लिए स्थानीय युवाओं को तैयार करने पर भी है। उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।

इससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में हाईटेक सेक्टर में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

EMC 2.0 को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने इस मंजूरी को छत्तीसगढ़ में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

‘मेक इन इंडिया’ को भी मिलेगा बढ़ावा

राजनांदगांव में EMC 2.0 की स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

परियोजना के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इससे केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एक नजर में बड़ी बातें

  • स्थान: राजनांदगांव, छत्तीसगढ़
  • परियोजना: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)
  • कुल अनुमानित लागत: ₹432.08 करोड़
  • केंद्रीय वित्तीय सहायता: ₹210.56 करोड़
  • क्षेत्रफल: करीब 306 एकड़
  • संभावित निवेश: ₹3000 करोड़ से अधिक
  • संभावित रोजगार: करीब 9000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर
  • रुचि दिखाने वाले क्षेत्र: सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स

राजनांदगांव में EMC 2.0 की मंजूरी छत्तीसगढ़ के लिए सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि राज्य को हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अब इस परियोजना के धरातल पर उतरने और निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।