August 8, 2026

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बिलासपुर में विकास कार्यों पर सख्त हुए अरुण साव, बोले- देरी बर्दाश्त नहीं; जलभराव से लेकर सड़कों तक बनेगी स्थायी कार्ययोजना

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि अब विकास की योजना केवल वर्तमान जरूरतों को देखकर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार करनी होगी।

उप मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को मैदानी स्तर पर योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

सड़क के बीच बिजली के खंभे देख भड़के अरुण साव

बैठक में बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे लगाए जाने का मामला सामने आया। इस पर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए जिला पंचायत सीईओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर भी अरुण साव ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बिलासपुर के जलभराव पर स्थायी समाधान का निर्देश

बारिश के दौरान बिलासपुर शहर में जलभराव की समस्या पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बारिश में ही जलभराव की स्थिति सामने आई है, इसलिए अब केवल अस्थायी व्यवस्था से काम नहीं चलेगा।

उन्होंने अधिकारियों से ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा जिससे आने वाले वर्षों में शहरवासियों को जलभराव की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अरुण साव ने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे और क्षति होना आम समस्या है। इसलिए अभी से तैयारी रखी जाए और बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का काम तेजी से शुरू किया जाए।

उन्होंने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर सभी निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

मलेरिया की रोकथाम के लिए गांवों तक निगरानी

बैठक में मौसमी बीमारियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने मलेरिया समेत अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए गांव स्तर तक लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने मितानिनों के स्तर तक आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक 48 मलेरिया मरीज मिले हैं। इनमें 6 मरीज उपचाररत हैं, जबकि अन्य स्वस्थ हो चुके हैं।

प्रभावित इलाकों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1500 मच्छरदानियां भी वितरित की जा रही हैं।

खाद-बीज पर्याप्त, फसलों की स्थिति अच्छी

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त बारिश होने के कारण फसलों की स्थिति अच्छी है। बांधों में भी पर्याप्त पानी है और खाद-बीज की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है।

वर्तमान में समितियों में लगभग—

300 क्विंटल बीज
10 हजार मीट्रिक टन डीएपी
यूरिया सहित अन्य उर्वरक

उपलब्ध हैं।

उप मुख्यमंत्री ने इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों के एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन को जरूरी बताते हुए गांव-गांव शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन नहीं होने के कारण कोई भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।

वीबी-जी रामजी योजना में स्थानीय जरूरतों को मिले प्राथमिकता

जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अरुण साव ने वीबी-जी रामजी योजना के तहत स्थानीय जरूरत के अनुसार कार्य स्वीकृत करने पर जोर दिया।

उन्होंने मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूलों की मरम्मत, जल संरक्षण और छोटे बांध जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

साथ ही गांवों में जल संरक्षण को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने और पानी बचाने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया।

जल जीवन मिशन की 310 योजनाएं पूरी

जल जीवन मिशन की समीक्षा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इनमें 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित भी की जा चुकी हैं।

उप मुख्यमंत्री ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने जल संरक्षण और वाटर रिचार्जिंग के लिए जिले में किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की सराहना की।

मल्हार और रतनपुर के लिए बनेगा मास्टर प्लान

बिलासपुर जिले की ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।

अरुण साव ने दोनों शहरों के लिए ऐसा मास्टर प्लान तैयार करने को कहा, जिसमें उनकी ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन क्षमता और भविष्य की जरूरतों को शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आने वाले वर्षों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जानी चाहिए।

गरीब परिवारों को जल्द मिलेंगे आवास

नगर विकास की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

उप मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में आईएसडीपी योजना के तहत बनाए गए आवासों की जरूरी मरम्मत कराने और पात्र गरीब परिवारों को उनका आवंटन जल्द करने को कहा।

जीवनदीप और आयुष समिति की बैठक में भी लिए गए फैसले

जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में बिलासपुर जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक हुई।

इन बैठकों में अस्पताल और महाविद्यालय में आवश्यक सुविधाओं तथा विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। कई प्रस्तावों को मंजूरी भी दी गई।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने की है। खासकर जलभराव, सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं, जल जीवन मिशन और ऐतिहासिक शहरों के विकास से जुड़े कामों पर आने वाले समय में प्रशासन की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।