जगदलपुर। बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र में ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मंगनपुर गांव में दो आरोपियों ने एक ग्रामीण को असली सोने का हार बताकर 5 लाख रुपये का सौदा करने की कोशिश की। ग्रामीण ने आरोपियों की बात पर भरोसा करते हुए उन्हें 10 हजार रुपये भी दे दिए, लेकिन बाकी रकम देने से पहले हार की जांच कराई तो पूरा खेल सामने आ गया।
हार असली सोने का नहीं, बल्कि पीतल मिश्रित नकली धातु का निकला। शिकायत के बाद नगरनार थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आर्थिक जरूरत बताकर ग्रामीण को फंसाया
जानकारी के अनुसार, मंगनपुर निवासी लिंगेश्वर सेठिया से दोनों आरोपियों ने संपर्क किया। उन्होंने कथित तौर पर अपनी आर्थिक जरूरत बताते हुए ग्रामीण को एक हार दिखाया और दावा किया कि यह असली सोने का है।
आरोपियों ने हार को 5 लाख रुपये में बेचने की बात कही। कीमत और हार देखकर ग्रामीण को सौदा फायदे का लगा और वह उनकी बातों में आ गया।
लिंगेश्वर ने तत्काल आरोपियों को 10 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद बाकी रकम की व्यवस्था करने की बात कही गई।
दो सोनारों से जांच कराई तो खुला राज
बाकी रकम देने से पहले ग्रामीण को हार की शुद्धता को लेकर कुछ संदेह हुआ। उसने सावधानी बरतते हुए हार को लेकर अलग-अलग सोनार दुकानों में जांच कराने का फैसला किया।
बताया गया कि हार की दो सोनार दुकानों में जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि हार असली सोने का नहीं था। उसमें पीतल मिश्रित धातु का इस्तेमाल किया गया था।
हार के नकली होने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण को समझ आया कि उसे ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश की गई है।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
हार की जांच के बाद पीड़ित तत्काल नगरनार थाने पहुंचा और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की।
जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
- मोहन लाल सोलंकी, निवासी दुर्ग
- मोहन राय, निवासी बलौदाबाजार
के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल किया गया नकली सोने का हार बरामद कर लिया।
क्या पहले भी कर चुके हैं ऐसी ठगी?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं या नहीं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि—
- नकली हार कहां से तैयार कराया गया?
- आरोपियों ने पीड़ित को कैसे विश्वास में लिया?
- क्या इससे पहले भी किसी ग्रामीण को इसी तरीके से ठगा गया?
- क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है?
- क्या आरोपियों के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकते हैं।
सस्ते सोने के लालच से रहें सावधान
इस घटना से एक बार फिर साफ होता है कि कम कीमत में सोना मिलने के लालच में बड़ी रकम देना कितना जोखिम भरा हो सकता है। ठगी करने वाले लोग अक्सर आर्थिक मजबूरी, पारिवारिक जरूरत या अचानक पैसों की आवश्यकता का हवाला देकर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश करते हैं।
ऐसे मामलों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- किसी अनजान व्यक्ति से सोने का आभूषण खरीदने से बचें।
- बाजार कीमत से बहुत कम दाम में सोना मिलने पर तुरंत भरोसा न करें।
- भुगतान से पहले आभूषण की शुद्धता की जांच कराएं।
- अधिकृत ज्वेलर्स या विशेषज्ञ से जांच करवाएं।
- जांच और दस्तावेजों की पुष्टि के बिना बड़ी रकम न दें।
- संदिग्ध सौदे की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
नगरनार थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी की कोशिश में आरोपियों के साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।

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