June 25, 2026

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अवैध रेत खनन बना जानलेवा: ट्रैक्टर पलटने से युवक की मौत, दो गंभीर घायल

कोरबा, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध रेत परिवहन के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। उरगा थाना क्षेत्र में सोन नदी से रेत भरकर लौट रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत खनन और परिवहन के खतरों को उजागर कर दिया है।

जानकारी के अनुसार हादसा ग्राम मड़वारानी और जर्वे के बीच उस समय हुआ, जब कुछ युवक प्रतिबंध के बावजूद सोन नदी से रेत निकालकर ट्रैक्टर में भरकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया और ट्रॉली सहित सड़क किनारे पलट गया।

हादसे में 29 वर्षीय युवक ट्रैक्टर के इंजन के नीचे दब गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि आसपास मौजूद ग्रामीणों को उसे बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

ग्रामीणों ने बचाव कार्य में दिखाई तत्परता

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवकों को ट्रैक्टर के नीचे से निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अवैध रेत परिवहन पर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंध और कार्रवाई के बावजूद कई स्थानों पर अवैध रूप से रेत का उत्खनन और परिवहन जारी है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनती है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही ट्रैक्टर मालिक और अवैध रेत परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि ट्रैक्टर के पास आवश्यक अनुमति थी या नहीं और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।

सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन की जरूरत

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि अवैध खनन और असुरक्षित परिवहन केवल कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति यह संकेत देती है कि निगरानी और सख्ती को और मजबूत करने की आवश्यकता है।