रायपुर/बलौदाबाजार, मानसून की पहली बारिश के साथ छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार वनमण्डल ने हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक वनों के पुनर्जीवन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस वर्ष वन विभाग ने दो लाख से अधिक सीड बॉल तैयार कर उनके रोपण का लक्ष्य तय किया है। कम लागत और अधिक प्रभाव वाली यह तकनीक अब जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है।
वन विभाग का मानना है कि सीड बॉल तकनीक प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा देने का एक प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल तरीका है। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीड बॉल का वितरण और रोपण शुरू कर दिया गया है।
क्या है सीड बॉल तकनीक?
सीड बॉल मिट्टी, गोबर और जैविक पदार्थों से तैयार की गई छोटी गोल गेंद होती है, जिसके अंदर पेड़ों के बीज सुरक्षित रखे जाते हैं। बारिश के संपर्क में आने के बाद ये बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं।
इस तकनीक के कई फायदे हैं—
कम लागत में अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण संभव।
बीजों को पक्षियों और अन्य जानवरों से सुरक्षा मिलती है।
कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में भी आसानी से रोपण किया जा सकता है।
प्राकृतिक रूप से पौधों के विकास को बढ़ावा मिलता है।
इन प्रजातियों के बीजों का किया गया उपयोग
अभियान के तहत स्थानीय जलवायु और पारिस्थितिकी के अनुरूप देशज और उपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है।
सीड बॉल में शामिल प्रमुख प्रजातियां—
इमली
चार
बेल
बेर
आम
बहेड़ा
इन प्रजातियों के चयन का उद्देश्य स्थानीय जैव विविधता को मजबूत करना और वन्यजीवों के लिए खाद्य स्रोत उपलब्ध कराना है।
इन क्षेत्रों में चल रहा अभियान
वन विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से विभिन्न वन क्षेत्रों में सीड बॉल डाले जा रहे हैं।
प्रमुख स्थानों में शामिल हैं—
देवपुर वन परिक्षेत्र का कसौदी परिसर
एएनआर क्षेत्र
जोंक नदी के किनारे
बारनवापारा क्षेत्र
अल्दा
मुढ़ीपार
सुरबाय
डूमरपाली
बल्दाकछार
डाढ़ाखार
पैरागुड़ा
इन क्षेत्रों में प्राकृतिक पुनर्जनन और हरित आवरण बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
‘युवान’ कार्यक्रम से मिलेगा नया विस्तार
वन विभाग ने आगामी “युवान” कार्यक्रम के तहत जल स्रोतों, छोटे नालों और नदी किनारों पर फलदार एवं बहुउपयोगी वृक्षों के रोपण की भी योजना बनाई है।
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं—
जल संरक्षण को बढ़ावा देना
मिट्टी के कटाव को रोकना
वन्यजीवों के लिए भोजन उपलब्ध कराना
स्थानीय जैव विविधता को मजबूत बनाना
पर्यावरण संतुलन बनाए रखना
जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
वन विभाग का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए स्थानीय समुदायों और नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
सीड बॉल अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और हरित पर्यावरण मिल सके।
मानसून के इस मौसम में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले वर्षों में बलौदाबाजार के वन क्षेत्रों को नई हरियाली और नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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