August 8, 2026

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केमिकल से नोट बनाने का झांसा और बैंक लोन के नाम पर ₹90 लाख की ठगी! पेंड्रा कनेक्शन में 3 आरोपी गिरफ्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में ठगी के अलग-अलग तरीकों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। एक मामले में लोगों को काले कागज से असली नोट बनाने का झांसा देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की गई, जबकि दूसरे मामले में निजी बैंककर्मी बनकर करीब 90 लाख रुपये की ठगी किए जाने के मामले के तार पेंड्रा से जुड़े मिले हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोगों से ऐसे झांसे से बचने की अपील की है।

काले कागज से नोट बनाने का दावा, मांगे ₹50 हजार

ठगी का एक चौंकाने वाला तरीका जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में सामने आया। यहां साहिल कुमार नामक व्यक्ति से एक अज्ञात शख्स ने संपर्क किया।

आरोपी ने खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा विशेष केमिकल है, जिसकी मदद से काले कागज को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है।

आरोपी ने इस कथित प्रक्रिया के बदले साहिल कुमार से 50 हजार रुपये की मांग की। हालांकि, पीड़ित को मामला संदिग्ध लगा और उसने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।

पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नवागढ़ थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

इस मामले में थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई शुरू की है।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में आरोपी लोगों को असामान्य तरीके से पैसा कमाने का लालच देते हैं। इसके बाद केमिकल, मशीन, प्रोसेसिंग या किसी विशेष तकनीक के नाम पर रकम की मांग की जाती है।

बैंक लोन के नाम पर ₹90 लाख की ठगी

दूसरा मामला इससे भी बड़ा है। निजी बैंककर्मी बनकर की गई कथित धोखाधड़ी के मामले में करीब 90 लाख रुपये की ठगी के तार पेंड्रा से जुड़े मिले हैं।

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बैंक लोन से जुड़ी प्रक्रिया और बैंक कर्मचारी होने का भरोसा दिलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से रकम हासिल की गई।

मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के तरीके, रकम के लेनदेन और उनके संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

ठग नए-नए तरीके अपनाकर बना रहे शिकार

इन दोनों मामलों से एक बार फिर साफ है कि साइबर और आर्थिक अपराध करने वाले ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं।

लोगों को कभी आसान तरीके से पैसा कमाने का लालच दिया जाता है तो कभी बैंक, लोन, निवेश या सरकारी योजना के नाम पर भरोसा हासिल किया जाता है।

ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान:

काले कागज से असली नोट बनाने जैसे दावों पर कभी भरोसा न करें।
किसी भी केमिकल या मशीन के नाम पर पैसे देने से पहले पूरी जानकारी लें।
बैंककर्मी बनकर संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान बैंक की आधिकारिक शाखा या माध्यम से सत्यापित करें।
लोन दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को निजी दस्तावेज या बैंक संबंधी जानकारी न दें।
किसी भी संदिग्ध लेनदेन की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
आसान और कम समय में बड़ी रकम कमाने के लालच से बचें।
पुलिस की लोगों से अपील

जीपीएम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा असंभव या असामान्य तरीके से पैसा बनाने का दावा किए जाने पर सावधान रहें। खासकर केमिकल से नोट बनाने, नकली नोट को असली बनाने या बिना प्रक्रिया के बड़ा बैंक लोन दिलाने जैसे दावों की वास्तविकता जांचना बेहद जरूरी है।

पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते पुलिस को देने से संभावित ठगी को रोका जा सकता है।

फिलहाल ₹90 लाख की ठगी से जुड़े मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं काले कागज को केमिकल से असली नोट में बदलने के दावे वाले मामले में भी विवेचना जारी है। जांच पूरी होने के बाद इन मामलों में ठगी के नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।