August 9, 2026

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प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद, बोले- भारत के युवाओं की ताकत के सामने अमेरिका-चीन भी कुछ नहीं

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के युवाओं में इतनी क्षमता है कि उनकी ताकत के सामने दुनिया की बड़ी शक्तियां भी छोटी नजर आती हैं।

युवाओं की ताकत को बताया भारत की सबसे बड़ी शक्ति

राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक ताकत उसके युवा हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक युवा नागरिक में कुछ नया करने की क्षमता है और युवाओं की ऊर्जा का सही इस्तेमाल भारत को दुनिया में और मजबूत बना सकता है।

उन्होंने अमेरिका और चीन की आर्थिक एवं तकनीकी ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के युवाओं की क्षमता को कम करके नहीं आंका जा सकता। उनके मुताबिक, देश की सबसे बड़ी पूंजी यहां की युवा आबादी और उसका ज्ञान है।

AI और डेटा को लेकर राहुल गांधी की बात

कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने छात्रों से कहा कि AI के लिए डेटा बेहद महत्वपूर्ण है।

उनका कहना था कि लोगों के डेटा के बिना AI की उपयोगिता सीमित हो जाती है। उन्होंने छात्रों को डेटा की अहमियत समझाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के डेटा का इस्तेमाल तकनीक विकसित करने में किया जा सकता है, लेकिन तकनीक उस व्यक्ति का अपना डेटा तैयार नहीं कर सकती।

राहुल गांधी ने युवाओं को तकनीकी बदलाव को समझने और भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

छात्रों ने बताई भर्ती और पेपर लीक की समस्याएं

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे बातचीत भी की। कई छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं।

छात्रों ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण लंबे समय तक तैयारी करने वाले युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पेपर लीक की घटनाओं से परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं और अभ्यर्थियों का समय तथा मेहनत प्रभावित होती है।

राहुल गांधी ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के सामने रोजगार एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कार्यक्रम में दावा किया कि भारत में 1000 युवाओं में से केवल 12 युवाओं को नौकरी मिलती है।

डेटा को लेकर बड़ी कंपनियों पर लगाया आरोप

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में डेटा के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने जियो और अडानी का नाम लेते हुए डेटा के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाया। हालांकि, उनके इन आरोपों को राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है और संबंधित कंपनियों का पक्ष इस कार्यक्रम में सामने नहीं आया।

युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बातचीत

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राहुल गांधी और छात्रों के बीच सीधा संवाद रहा। उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनने के साथ-साथ उनसे सवाल भी किए।

चर्चा में प्रमुख रूप से ये मुद्दे सामने आए—

भर्ती परीक्षाओं में देरी और अनियमितताएं।
पेपर लीक के कारण युवाओं की परेशानियां।
रोजगार के सीमित अवसर।
AI और तकनीकी बदलाव का भविष्य पर असर।
युवाओं के निजी डेटा की सुरक्षा।
शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ता अंतर।
भारत के डेटा को बताया बड़ी ताकत

राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया में भारत के पास बड़ी मात्रा में डेटा मौजूद है। उन्होंने इसे देश की महत्वपूर्ण ताकत के रूप में पेश किया।

उनके मुताबिक, यदि भारत अपने युवाओं, तकनीकी क्षमता और डेटा की शक्ति का सही इस्तेमाल करे तो देश वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि भारत की दिशा और भविष्य तय करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी रोजगार और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।

कुल मिलाकर, प्रयागराज का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम युवाओं के रोजगार, पेपर लीक, डेटा और AI जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा। राहुल गांधी ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए तकनीकी युग में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।