अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में केरल के छात्रों के साथ मारपीट मामले में तीन सुरक्षा गार्डों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं स्थानीय बीजेपी नेताओं ने इस मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। बीजेपी नेता हीरा सिंह श्याम का कहना है कि बिना जांच के एकतरफा कार्रवाई की गई है। इसका हम विरोध करते हैं।
ये है पूरा मामला
दरअसल,10 मार्च को विश्वविद्यालय में बनी पानी की टंकी के आसपास फोटो खींचने को लेकर छात्रों का सुरक्षाकर्मियों से विवाद हो गया था, जो बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गया। इस घटना में चार छात्र और एक सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों की शिकायत पर सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत वहां के 5 सांसदों ने कुलपति से निष्पक्ष जांच कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही स्थानीय कांग्रेस विधायक ने भी मामले को लेकर कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा था।
कांग्रेस ने कहा था कि विश्वविद्यालय अमरकंटक में अध्ययनरत चार छात्रों के साथ विगत दिवस गार्डों द्वारा बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई है। जिससे छात्र बुरी तरह घायल हो गए हैं और उन्हें जिला अस्पताल अनूपपुर से मेडिकल कॉलेज शहडोल भेजना पड़ा। घटना में जिस तरीके छात्रों को पीटा गया उससे किसी छात्र की जान भी जा सकती थी। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के सिक्योरटी गार्ड द्वारा की गई बर्बरतापूर्वक मारपीट अपराध की श्रेणी में आता है। जिसकी हम निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि घटना में 7 दिवस के अंदर निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो हम विश्वविद्याल के मुख्यद्वार के सामने धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जवाबदेही विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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