August 13, 2026

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ट्रेन के B-12 कोच में छिपा था 1.96 करोड़ का सोना! रायपुर-नागपुर रूट पर 2 संदिग्ध गिरफ्तार, 7 बिस्किट और छड़ बरामद

रायपुर-नागपुर रेल रूट पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.96 करोड़ रुपये का विदेशी सोना बरामद किया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आरपीएफ क्राइम ब्रांच रायपुर और नागपुर की टीम ने डीआरआई नागपुर के अधिकारियों के साथ मिलकर हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में यह कार्रवाई की।

तलाशी के दौरान टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा। इनके कब्जे से कुल 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद हुआ। बरामद सोने की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 96 लाख 34 हजार 307 रुपये बताई गई है।

विश्वसनीय सूचना के बाद ट्रेन में शुरू हुई जांच

जानकारी के अनुसार, आरपीएफ क्राइम ब्रांच नागपुर के निरीक्षक को सूचना मिली थी कि हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से दो व्यक्ति विदेशी सोना लेकर जा रहे हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ क्राइम ब्रांच रायपुर और नागपुर की टीम को अलर्ट किया गया। इसके बाद डीआरआई नागपुर के अधिकारियों के साथ संयुक्त टीम ने ट्रेन में जांच शुरू की।

टीम ने ट्रेन नंबर 12262 की निगरानी करते हुए रायपुर से नागपुर के बीच अलग-अलग कोचों की जांच की।

B-12 कोच में मिले दो संदिग्ध

जांच के दौरान संयुक्त टीम की नजर B-12 कोच में मौजूद दो संदिग्ध यात्रियों पर गई।

टीम ने दोनों को भंडारा-नागपुर के बीच पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उनकी तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में सोना बरामद हुआ।

बरामदगी के बाद पूरे मामले की जानकारी डीआरआई अधिकारियों को दी गई और दोनों संदिग्धों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उनके सुपुर्द कर दिया गया।

7 सोने के बिस्किट और एक छड़ बरामद

तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना मिला।

बरामद सोने में शामिल हैं:

  • 7 सोने के बिस्किट
  • 1 सोने की छड़
  • कुल वजन करीब 1.242 किलोग्राम
  • अनुमानित कीमत ₹1,96,34,307

सोने की बरामदगी के बाद एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसे कहां से लाया गया था और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था।

कस्टम एक्ट के तहत मामला दर्ज

मामले को आगे की जांच के लिए डीआरआई नागपुर को सौंपा गया है। एजेंसी ने कस्टम अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद सोना किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है।

कहां से आया विदेशी सोना?

इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब दो करोड़ रुपये का विदेशी सोना आखिर कहां से आया।

डीआरआई की जांच में कई अहम बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है:

  • सोना किस स्रोत से हासिल किया गया?
  • इसे ट्रेन के जरिए कहां पहुंचाया जाना था?
  • इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं?
  • क्या इससे पहले भी इसी रूट से सोने की तस्करी हुई है?
  • दोनों संदिग्धों के संपर्क किन लोगों से हैं?

जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर एजेंसी आगे और कार्रवाई कर सकती है।

रेलवे रूट पर बढ़ाई गई निगरानी

इस कार्रवाई से एक बार फिर साफ हुआ है कि रेलवे के जरिए अवैध सामान की आवाजाही पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में आरपीएफ और अन्य एजेंसियों की संयुक्त जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा रही है।

रायपुर-नागपुर जैसे व्यस्त रेल मार्ग पर हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी माना जा रहा है।

करीब 2 करोड़ के सोने ने खींचा ध्यान

हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से 1.242 किलो विदेशी सोना बरामद होना बड़ी कार्रवाई है। करीब 1.96 करोड़ रुपये मूल्य की इस बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस केवल पकड़े गए दो संदिग्धों तक सीमित नहीं है।

डीआरआई यह पता लगाने में जुटी है कि इस सोना तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से इस पूरे मामले में और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।