अंबिकापुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उड़नदस्ता टीम ने शहर के पटपरिया इलाके में एक किराए के मकान में संचालित हो रही अवैध महुआ शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान मौके से शराब बनाने की 8 भट्ठियां, करीब 70 लीटर तैयार महुआ शराब और 480 किलो महुआ लाहन बरामद किया गया।
कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने मामले में आरोपी अर्जुन कुजुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
किराए के मकान में चल रहा था शराब बनाने का कारोबार
आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि संकटमोचन मंदिर के पास पटपरिया इलाके में एक मकान के भीतर लंबे समय से महुआ शराब बनाने का काम चल रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद विभाग की उड़नदस्ता टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर दबिश दी। टीम के अचानक पहुंचने से वहां हड़कंप मच गया।
मकान की तलाशी के दौरान अधिकारियों को शराब निर्माण से जुड़ी पूरी व्यवस्था मिली। जांच में सामने आया कि वहां एक साथ कई भट्ठियों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
आबकारी विभाग की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में शराब और कच्चा माल बरामद किया गया।
8 अवैध शराब भट्ठियां
करीब 70 लीटर तैयार महुआ शराब
480 किलो महुआ लाहन
शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण
24 प्लास्टिक डिब्बों में रखा लाहन
अधिकारियों ने बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
24 डिब्बों में रखा था 480 किलो लाहन
मकान के दूसरे हिस्से की तलाशी लेने पर टीम को 24 प्लास्टिक डिब्बे मिले। इनमें करीब 480 किलो महुआ लाहन भरा हुआ था।
लाहन का इस्तेमाल महुआ शराब तैयार करने की प्रक्रिया में किया जाता है। आबकारी विभाग ने बरामद लाहन का मौके पर पंचनामा तैयार किया और नियमानुसार उसे नष्ट कर दिया।
वहीं, तैयार महुआ शराब को भी जब्त कर लिया गया।
आरोपी अर्जुन कुजुर गिरफ्तार
मामले में आबकारी विभाग ने अर्जुन कुजुर को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड मिलने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह अवैध कारोबार कब से संचालित हो रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
शराब की सप्लाई कहां होती थी, जांच जारी
आबकारी विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि तैयार महुआ शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी।
जांच के प्रमुख बिंदु हैं:
शराब निर्माण का कारोबार कब से चल रहा था?
तैयार शराब किन लोगों को बेची जाती थी?
क्या इसके पीछे अन्य लोग भी शामिल हैं?
शराब की सप्लाई किन इलाकों में होती थी?
कच्चा माल कहां से लाया जा रहा था?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद मामले में और कार्रवाई की संभावना है।
15 अगस्त से पहले आबकारी विभाग का अभियान तेज
स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार जांच और कार्रवाई कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। खास तौर पर ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, जहां चोरी-छिपे शराब निर्माण की सूचना मिल रही है।
आबकारी विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी इलाके में अवैध शराब निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल विभाग को सूचना दें।
अंबिकापुर में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले अवैध शराब के कारोबार पर विभाग की निगरानी और सख्ती बढ़ गई है। 8 भट्ठियों और 480 किलो लाहन की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

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