July 27, 2026

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छत्तीसगढ़ में खेती ने पकड़ी रफ्तार: 69% बोनी पूरी, किसानों को मिला 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और ₹6633 करोड़ का कृषि ऋण

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होते ही खरीफ सीजन की खेती ने गति पकड़ ली है। राज्य में 22 जुलाई 2026 तक 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है, जो इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

सरकार किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष खाद-बीज वितरण और कृषि ऋण उपलब्ध कराने में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रगति दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश, किसानों को समय पर मिले खाद-बीज

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रमाणित खाद और बीज बिना किसी परेशानी के उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि—

खाद-बीज वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए।
किसानों को खेती के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग पूरे प्रदेश में वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी कर रहा है।
33.50 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है बोनी

कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक विभिन्न खरीफ फसलों की बोनी तेजी से हुई है।

बोई गई प्रमुख फसलें:

धान
मक्का
कोदो
कुटकी
अरहर
मूंग
मूंगफली
रामतिल

अब तक कुल 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जबकि लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर का है।
किसानों को मिला रिकॉर्ड खाद और प्रमाणित बीज

खेती को सुचारु बनाने के लिए किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरक और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए हैं।
अब तक का वितरण

9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित
4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

बीज निगम ने इस वर्ष 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4.70 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया, जिनमें से 4.12 लाख क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है। यह कुल मांग का लगभग 83 प्रतिशत है।

पिछले वर्ष इसी अवधि में 4.11 लाख क्विंटल बीज वितरित किए गए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा उससे अधिक है।
उर्वरक वितरण भी तेज

राज्य सरकार ने खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अब तक—

14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण
9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित

यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 59 प्रतिशत है।
सामान्य से कम लेकिन लगातार हो रही वर्षा

कृषि विभाग के अनुसार 22 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 389.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

वर्षा से जुड़े प्रमुख आंकड़े:

अब तक औसत वर्षा: 389.7 मिमी
प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा: 1246.3 मिमी
पिछले 10 वर्षों के आधार पर इस अवधि की औसत वर्षा: 421.5 मिमी
22 जुलाई को दर्ज वर्षा: 33.5 मिमी

लगातार हो रही बारिश के कारण बोनी का रकबा तेजी से बढ़ रहा है।
किसानों को मिला ₹6633 करोड़ का ब्याजमुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण

राज्य सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण भी उपलब्ध करा रही है।

21 जुलाई 2026 तक की स्थिति:

वितरित कृषि ऋण: ₹6633.71 करोड़
पिछले वर्ष इसी अवधि में: ₹5560.34 करोड़
वर्ष 2026 का लक्ष्य: ₹8800 करोड़

इससे किसानों को समय पर बीज, खाद और अन्य कृषि संसाधन खरीदने में आर्थिक सहायता मिल रही है।
खेती को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार के प्रयास

खरीफ सीजन 2026 में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर खाद, प्रमाणित बीज, उर्वरक और कृषि ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। 69 प्रतिशत बोनी पूरी होना, लाखों किसानों तक खाद-बीज पहुंचना और ₹6633 करोड़ से अधिक का कृषि ऋण वितरण यह दर्शाता है कि खेती-किसानी को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। यदि मानसून की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में बोनी का लक्ष्य समय से पहले पूरा होने और खरीफ उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।