नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे NEET Protest के दौरान शनिवार को अचानक हंगामा हो गया। प्रदर्शन को संबोधित कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक महिला ने स्याही जैसा तरल पदार्थ फेंक दिया। घटना के बाद विरोध स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और समर्थक मंच की ओर पहुंच गए।
यह घटना उस समय हुई जब CJP कार्यकर्ता कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। संगठन पिछले कुछ समय से जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहा है और इस मामले में केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
सभा के दौरान महिला ने फेंकी स्याही
जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दिपके प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला वहां पहुंची और उनके ऊपर स्याही जैसा पदार्थ फेंक दिया।
घटना के बाद—
- मंच के पास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए।
- कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल पर हंगामा हुआ।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
हालांकि स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान और घटना के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी है प्रदर्शन
CJP कार्यकर्ता कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठन की प्रमुख मांगों में—
- परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता।
- कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
- जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
शामिल हैं।
संगठन ने इस मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की है।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद बढ़ा विवाद
स्याही कांड से पहले पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वांगचुक जंतर-मंतर पर करीब 20 दिनों से अनशन पर बैठे थे। स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अस्पताल ले जाया गया।
इसके बाद अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए अपना उपवास शुरू करने की घोषणा की।
दिपके ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने ऐलान किया कि—
- वह खुद भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
- 20 जुलाई को संसद मार्च की योजना जारी रहेगी।
- प्रदर्शन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
दिपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वांगचुक को जबरन हटाया गया। हालांकि इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, संगठन ने अभी तक इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए अनुमति मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।
हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य को लेकर दिए थे निर्देश
सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।
अदालत ने कहा था कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
आगे की कार्रवाई पर नजर
जंतर-मंतर पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध के बीच अब 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च और प्रशासन के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

More Stories
प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद, बोले- भारत के युवाओं की ताकत के सामने अमेरिका-चीन भी कुछ नहीं
कल 9 अगस्त को मौसम का बड़ा अलर्ट: छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
केमिकल से नोट बनाने का झांसा और बैंक लोन के नाम पर ₹90 लाख की ठगी! पेंड्रा कनेक्शन में 3 आरोपी गिरफ्तार