छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में ऑनलाइन ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को तांत्रिक बताकर बीएससी की छात्रा को भूत-प्रेत का डर दिखाया और पूजा-पाठ के नाम पर उससे 18,600 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। बाद में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए कारावास की सजा सुनाई।
यह कार्रवाई अंधविश्वास के नाम पर लोगों को ठगने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, सिमगा क्षेत्र की एक बीएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा से आरोपी ने मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया।
आरोप है कि उसने स्वयं को तांत्रिक बताया और छात्रा को यह कहकर डराया कि उस पर भूत-प्रेत का साया है। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि यदि विशेष पूजा-पाठ नहीं कराया गया तो उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
डर और अंधविश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने छात्रा से अपने क्यूआर कोड के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में 18,600 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जब छात्रा को ठगी का एहसास हुआ तो उसने सिमगा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की।
वैज्ञानिक जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने—
- पीड़िता के बैंक खाते का विवरण जुटाया।
- ऑनलाइन लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच की।
- क्यूआर कोड और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए।
- संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।
- घटनास्थल का निरीक्षण और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की।
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे मध्य प्रदेश के शहडोल से गिरफ्तार किया।
अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिमगा ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत 2 वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
- धारा 319(2) के तहत 1 वर्ष के कारावास और अलग अर्थदंड की सजा भी दी।
- दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
- भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र या चमत्कार के नाम पर किसी भी व्यक्ति की बातों में न आएं।
- किसी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- डिजिटल भुगतान करते समय पूरी सावधानी बरतें।
जांच में अहम भूमिका
पुलिस के अनुसार, इस मामले में वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाने में जांच अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, अदालत में अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर मामला प्रस्तुत किया, जिसके बाद आरोपी को दोषी ठहराया गया।
मुख्य बातें
- ऑनलाइन ठगी के मामले में छात्रा से ₹18,600 की ठगी।
- आरोपी ने कथित तौर पर खुद को तांत्रिक बताकर भूत-प्रेत का डर दिखाया।
- डिजिटल भुगतान के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई।
- पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद आरोपी को शहडोल (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार किया।
- अदालत ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत कारावास की सजा सुनाई।
- पुलिस ने अंधविश्वास और साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की।

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