छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लगातार हो रही दुर्ग चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर करीब 32 लाख रुपये का चोरी का सामान, दो वाहन, एक स्कूटी और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कई दिनों तक चले तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जांच, मुखबिरों से मिली सूचना और रात्रिकालीन गश्त के आधार पर संभव हो सकी।
संदिग्ध कार से खुला पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, 10 जुलाई 2026 की रात नियमित पेट्रोलिंग और नाकेबंदी के दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी।
जब पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने भागने की कोशिश की। घेराबंदी कर कार को रोका गया। तलाशी लेने पर पुलिस को वाहन से—
- 2 एलईडी टीवी
- 1 डीवीआर
- सब्बल
- पेचकस
- स्क्रूड्राइवर
जैसे उपकरण मिले, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर चोरी में किया जाता था।
पूछताछ में सामने आया बड़ा खुलासा
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41 वर्ष), निवासी जामुल, ने पूछताछ में कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था। इस कारण उसे विभिन्न कॉलोनियों और इलाकों की अच्छी जानकारी थी।
पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करता था और घर खाली होने की पुष्टि के बाद रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
आर्थिक तंगी बनी कथित वजह
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आर्थिक दबाव और ऑनलाइन लोन के कारण उसने चोरी का रास्ता अपनाया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी चोरी किए गए सोने के आभूषणों को विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर धन प्राप्त करता था।
फाइनेंस कंपनियों से बरामद हुए आभूषण
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत विभिन्न वित्तीय संस्थानों से गिरवी रखे गए आभूषण भी बरामद किए हैं।
इनमें शामिल हैं—
- मुथूट फाइनेंस
- आईआईएफएल फाइनेंस
- बजाज गोल्ड फाइनेंस
- अन्य संबंधित शाखाएं
पुलिस का कहना है कि मामले की वित्तीय जांच अभी जारी है।
दूसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने तुषार मिश्रा (40 वर्ष), निवासी कैलाश नगर, भिलाई को भी गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, चोरी से प्राप्त रकम का कुछ हिस्सा उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से—
- लगभग 168 ग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित कीमत करीब ₹25 लाख)
- लगभग 150 ग्राम चांदी के आभूषण
- 2 एलईडी टीवी
- 1 डीवीआर
- सब्बल, पेचकस और अन्य औजार
- सफेद इंडिगो कार
- फोर्ड इकोस्पोर्ट
- एक्सेस स्कूटी
बरामद की गई है।
कुल बरामद संपत्ति का मूल्य लगभग 32 लाख रुपये बताया गया है।
कई मामलों में पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में दर्ज 8 चोरी के मामलों में कथित संलिप्तता की जानकारी मिली है। इन मामलों की जांच आगे भी जारी है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में मोहन नगर और पद्मनाभपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जांच और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
नागरिकों से पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—
- यदि घर लंबे समय तक खाली छोड़ रहे हों तो स्थानीय पुलिस और पड़ोसियों को जानकारी दें।
- किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और अन्य उपायों का उपयोग करें।
मुख्य बातें
- दुर्ग चोरी के 8 मामलों का पुलिस ने किया खुलासा।
- दो आरोपी गिरफ्तार, लगभग ₹32 लाख का माल बरामद।
- 168 ग्राम सोने और 150 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद।
- चोरी में इस्तेमाल कार, स्कूटी और औजार भी जब्त।
- पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले मकानों की रेकी करते थे।
- दूसरे आरोपी के बैंक खाते में कथित रूप से चोरी की रकम पहुंचने की जांच जारी।
- मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

More Stories
प्रयागराज में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद, बोले- भारत के युवाओं की ताकत के सामने अमेरिका-चीन भी कुछ नहीं
कल 9 अगस्त को मौसम का बड़ा अलर्ट: छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
केमिकल से नोट बनाने का झांसा और बैंक लोन के नाम पर ₹90 लाख की ठगी! पेंड्रा कनेक्शन में 3 आरोपी गिरफ्तार