बलरामपुर जिले के एक थाना परिसर में पदस्थ पुलिस आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब आरक्षक सुबह निर्धारित समय पर ड्यूटी के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद साथी पुलिसकर्मियों ने उसके कमरे में जाकर देखा, जहां वह मृत अवस्था में मिला।
जानकारी मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई।
बताया जा रहा है कि मृत आरक्षक थाना परिसर में ही बने आवास में रहता था। रोजाना समय पर ड्यूटी पर पहुंचने वाले आरक्षक के अचानक अनुपस्थित रहने पर साथियों को संदेह हुआ। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर पुलिसकर्मी उसके कमरे तक पहुंचे, जहां अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी थाना पहुंचे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को सांत्वना देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरक्षक कुछ महीने पहले पीलिया जैसी बीमारी से पीड़ित था। उपचार के बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ था और वह दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट आया था। हालांकि, उसकी मौत का बीमारी से कोई संबंध है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पुलिस कर रही इन बिंदुओं पर जांच
- मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या कोई अन्य वजह थी।
- मृतक की हालिया स्वास्थ्य स्थिति कैसी थी।
- घटना से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं।
- कमरे और आसपास से मिले साक्ष्यों का परीक्षण।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इस घटना ने पुलिस महकमे के साथ-साथ पूरे इलाके में भी चर्चा का विषय बना दिया है।
जांच पूरी होने तक मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह की अटकलों से बचने की सलाह दी गई है।

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