June 27, 2026

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Maharashtra TET 2026 पेपर लीक का बड़ा खुलासा: 1.5 करोड़ की डील, दिल्ली से जुड़े तार, परीक्षा टली

महाराष्ट्र में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) 2026 परीक्षा को निर्धारित तिथि से ठीक पहले स्थगित कर दिया गया है। पुलिस को परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका के बीच एक बड़े रैकेट का पता चला है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

परीक्षा रद्द होने की खबर सामने आते ही अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में निराशा फैल गई। वहीं दूसरी ओर पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गए हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों से जुड़े तार

ठाणे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये लोग कथित रूप से परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों के साथ पकड़े गए।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग राज्यों से महाराष्ट्र पहुंचे थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु:

  • तीन संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी।
  • परीक्षा से संबंधित चार सेट बरामद होने का दावा।
  • डिजिटल लेनदेन से जुड़े कई कार्ड और दस्तावेज मिले।
  • कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग किए जाने की जानकारी।
  • मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन।

1.5 करोड़ रुपये की कथित डील की जांच

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह पुष्टि करने में जुटी हैं कि यह राशि किस उद्देश्य से तय की गई थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की पहचान की जा सके।

क्या असली पेपर लीक हुआ था?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बरामद दस्तावेज वास्तव में परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र थे या फिर किसी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अभ्यर्थियों को ठगने की कोशिश की थी।

शिक्षा विभाग और परीक्षा परिषद इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक स्थिति क्या थी।

जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम विभिन्न राज्यों में जाकर संभावित आरोपियों और नेटवर्क की पड़ताल करेगी।

SIT इन पहलुओं की जांच करेगी:

  • प्रश्नपत्र का स्रोत क्या था।
  • दस्तावेज किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचे।
  • क्या कोई संगठित गिरोह सक्रिय था।
  • अभ्यर्थियों या अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।
  • आर्थिक लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड।

अभ्यर्थियों को दोबारा फीस नहीं देनी होगी

परीक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब भी नई परीक्षा तिथि घोषित होगी, अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन या शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। सभी पुराने आवेदन स्वतः मान्य रहेंगे।

इसके साथ ही उम्मीदवारों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।

प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल

देश में पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

महाराष्ट्र टीईटी 2026 मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तविक पेपर लीक था या किसी बड़े धोखाधड़ी गिरोह की साजिश। फिलहाल लाखों अभ्यर्थी नई परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।