June 27, 2026

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कोर्ट में पैरवी कर रहे थे वकील, इधर मोबाइल हुआ अपडेट और उधर खाते से उड़ गए ₹1.42 लाख

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक अधिवक्ता कोर्ट में अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां निभा रहे थे, वहीं दूसरी ओर उनके मोबाइल फोन में चल रही संदिग्ध गतिविधियों के जरिए साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये निकाल लिए।

घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी कमजोरी भी बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है।

मोबाइल में अचानक शुरू हुआ अपडेट

पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, घटना के दिन वे दोपहर के समय अदालत में मौजूद थे और एक मामले में पैरवी कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल फोन में अचानक ऑटोमैटिक अपडेट की प्रक्रिया शुरू हो गई।

कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने बैंक और कार्ड से जुड़े लेनदेन की जानकारी देखी, तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो चुके हैं।

कई ट्रांजैक्शन में निकाली गई रकम

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म और मोबाइल बैंकिंग सुविधाओं का उपयोग कर रकम निकाली।

ठगी का तरीका कुछ इस तरह बताया जा रहा है:

  • दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए बड़ी राशि निकाली गई।
  • क्रेडिट कार्ड का भी कथित रूप से अनधिकृत उपयोग किया गया।
  • कुल मिलाकर लगभग 1.42 लाख रुपये की वित्तीय हानि हुई।
  • लेनदेन को छिपाने के लिए अप्रत्यक्ष भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

गिफ्ट कार्ड और ई-वॉलेट का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि ठगों ने सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के बजाय पहले ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदे। इसके बाद उन गिफ्ट कार्ड की राशि को डिजिटल वॉलेट और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए आगे बढ़ाया गया।

इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल अक्सर ट्रांजैक्शन की वास्तविक दिशा छिपाने और जांच एजेंसियों से बचने के लिए किया जाता है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ित ने पुलिस थाने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के साथ ट्रांजैक्शन डिटेल और अन्य संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।

पुलिस अब:

  • संदिग्ध डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
  • संबंधित ईमेल और ऑनलाइन अकाउंट की जानकारी जुटा रही है।
  • इस्तेमाल किए गए भुगतान माध्यमों का विश्लेषण कर रही है।
  • साइबर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

मोबाइल अपडेट के दौरान बरतें सावधानी

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मोबाइल का सामान्य सिस्टम अपडेट अपने आप बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकता। ऐसे मामलों में अक्सर पहले से मौजूद किसी संदिग्ध ऐप, फिशिंग लिंक, रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन या मैलवेयर की भूमिका हो सकती है।

खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय:

  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
  • अनजान लिंक और फाइलों को खोलने से बचें।
  • बैंकिंग ऐप में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
  • मोबाइल और बैंकिंग ऐप को नियमित रूप से अपडेट करें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर अपराध

डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर शिकायत और तकनीकी जांच के जरिए कई मामलों में राशि को ट्रैक करने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।