जशपुर/रायपुर, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जनपद पंचायत मनोरा में आयोजित बैंक एवं मुद्रा लिंकेज मेले में स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों को 2 करोड़ 43 लाख 90 हजार रुपये से अधिक की ऋण सहायता स्वीकृत की गई।
इस आयोजन ने न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का रास्ता खोला, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
139 समूहों और उद्यमियों को मिला लाभ
मेले में विभिन्न बैंकों द्वारा बड़ी संख्या में ऋण प्रकरणों को स्वीकृति दी गई। कार्यक्रम के दौरान—
- 64 मुद्रा ऋण प्रकरणों में कुल 56 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति और वितरण किया गया।
- 75 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज योजना के तहत 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
- कुल मिलाकर 2 करोड़ 43 लाख 90 हजार रुपये की वित्तीय सहायता महिलाओं और समूहों तक पहुंचाई गई।
यह वित्तीय सहयोग महिलाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने, मौजूदा उद्यमों का विस्तार करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
200 महिलाओं ने लिया मेले में हिस्सा
विकासखंड मनोरा के इस विशेष आयोजन में लगभग 200 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें व्यवसाय प्रबंधन और आर्थिक योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
महिलाओं को निम्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया—
- स्वरोजगार के नए अवसर
- लघु उद्योग और उद्यमिता विकास
- बैंकिंग सेवाओं का उपयोग
- वित्तीय प्रबंधन और बचत
- सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के तरीके
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
विशेषज्ञों का मानना है कि जब महिलाओं को आर्थिक संसाधनों तक आसान पहुंच मिलती है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है।
स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आज कृषि आधारित व्यवसाय, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। ऐसे ऋण मेले उनके व्यवसाय को नई गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वित्तीय समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बैंक एवं मुद्रा लिंकेज मेला ग्रामीण महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी के रूप में उभरती हैं।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जनपद सदस्य रंजीत भगत, अमीन खान, राकेश तिवारी और रघुनाथ राम सहित जनपद पंचायत मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि बघेल, बिन्सेंट तिर्की, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
सभी के सहयोग से आयोजित यह मेला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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