June 25, 2026

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UPSC में चमके छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवा, सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- यह मेहनत और संघर्ष की ऐतिहासिक जीत

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सदन में इन सफल अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल 13 विद्यार्थियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष की जीत है, जिनके बच्चे सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का साहस रखते हैं।

उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा आर्थिक स्थिति या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता किसान हैं, कोई राजमिस्त्री परिवार से आता है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन सभी ने अपने परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ निश्चय के बल पर देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक के पहले चरण में सफलता प्राप्त की है।

ट्राइबल यूथ हॉस्टल बना सफलता की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने बताया कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल में मिला अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उनके आत्मविश्वास और सफलता का महत्वपूर्ण आधार बनीं।

राज्य सरकार द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली लेकिन संसाधनों से वंचित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।

हॉस्टल की प्रमुख विशेषताएं

  • राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण।
  • अनुभवी मार्गदर्शकों और विशेषज्ञों का सहयोग।
  • राजधानी दिल्ली में रहकर अध्ययन का अवसर।
  • अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्राथमिकता।
  • आधुनिक सुविधाओं और अध्ययन संसाधनों की उपलब्धता।

सीटें 50 से बढ़ाकर 200, हजारों युवाओं को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि समाज के वंचित और प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीट क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

इस फैसले से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को राजधानी दिल्ली में रहकर UPSC सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

मुख्य परीक्षा पर फोकस करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन अंतिम लक्ष्य मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे—

  • समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
  • नियमित अध्ययन की आदत बनाए रखें।
  • सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखें।
  • निरंतर अभ्यास और उत्तर लेखन पर काम करें।
  • लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।

प्रशासनिक सेवा केवल नौकरी नहीं, समाज सेवा का माध्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल प्रतिष्ठा और करियर का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करने का सबसे प्रभावी मंच हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि भविष्य में वे संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।

UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफल हुए छात्र

इस वर्ष ट्राइबल यूथ हॉस्टल से सफल होने वाले अभ्यर्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे और प्रकाश पटेल शामिल हैं।

इन विद्यार्थियों की सफलता न केवल उनके परिवारों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। आने वाले समय में यही युवा देश की प्रशासनिक व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।