छत्तीसगढ़ की राजनीति में 25 जून को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने 25 जून को पूरे प्रदेश में “काला दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा और निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों और रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
हर महीने होती है प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने बताया कि प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक नियमित रूप से हर महीने आयोजित की जाती है। इन बैठकों में पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है और भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाती है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि प्रदेश स्तर पर तैयार की गई योजनाओं और कार्यक्रमों को जिला, मंडल और शक्ति केंद्र स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए।
क्यों मनाया जाएगा काला दिवस?
भाजपा ने 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर “काला दिवस” मनाने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि इस दिन लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंधों को याद किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- मशाल जुलूस
- जनसभाएं
- रैलियां
- जागरूकता कार्यक्रम
- लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
पार्टी नेताओं का कहना है कि नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उस दौर की घटनाओं से अवगत कराना आवश्यक है।
संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। पार्टी ने बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार किया।
सूत्रों के अनुसार आगामी अभियानों और कार्यक्रमों के लिए जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर फोकस
बैठक में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर भी रणनीति तैयार की गई। पार्टी का लक्ष्य है कि राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
इसके लिए संगठन स्तर पर विशेष अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक बयानबाजी भी रही चर्चा में
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष के कुछ बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को तथ्यों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए और भ्रम फैलाने से बचना चाहिए।
आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न अभियानों को लेकर हलचल और तेज होने की संभावना है।
नोट: 25 जून को “काला दिवस” मनाना एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम और उसका दृष्टिकोण है। आपातकाल और उससे जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और इतिहासकारों के अलग-अलग मत और व्याख्याएं मौजूद हैं।

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