June 17, 2026

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नकली शराब सिंडिकेट पर रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन! फरार मास्टरमाइंड के घर चस्पा किया नोटिस, 3 दिन में हाजिर होने का अल्टीमेटम

नकली शराब सिंडिकेट

रायगढ़ जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। करोड़ों रुपये के इस संगठित अवैध नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब पुलिस फरार आरोपियों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ पुलिस ने मुख्य फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पर दबिश देकर तीन दिनों के भीतर थाने में उपस्थित होने का नोटिस चस्पा किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि आरोपी निर्धारित समय के भीतर उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई और तेज की जाएगी। साथ ही उसकी चल-अचल संपत्तियों का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

कैसे हुआ था नकली शराब कारोबार का खुलासा?

8 जून 2026 की रात रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने थाना कोतरारोड़ क्षेत्र के ग्राम धनागर में बड़ी कार्रवाई की थी। छापेमारी के दौरान नकली शराब बनाने और बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।

कार्रवाई में बरामद हुआ:

  • 869 बोतल नकली शराब
  • लगभग 240 लीटर अवैध शराब
  • स्प्रिट से भरे ड्रम
  • नकली होलोग्राम
  • फर्जी लेबल
  • शराब पैकेजिंग सामग्री
  • निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण

इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया था।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।

पुलिस जांच में पता चला कि:

  • गिरोह लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था।
  • शराब में स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाती थी।
  • रंग फीका पड़ने पर चायपत्ती का रंग मिलाया जाता था।
  • नकली लेबल और फर्जी होलोग्राम लगाकर असली शराब की तरह पैकिंग की जाती थी।
  • तैयार शराब को विभिन्न क्षेत्रों में कोचियों के माध्यम से बेचा जाता था।

यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा अब भी फरार

जांच के दौरान पुलिस ने 10 जून को फरार आरोपी सुभाष पटेल को उसके फार्म हाउस से गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शराब निर्माण में उपयोग किए जा रहे कई उपकरण भी जब्त किए।

बरामद सामग्री में शामिल थे:

  • गैस सिलेंडर
  • गैस चूल्हा
  • एल्यूमिनियम डेगची
  • बड़ी संख्या में खाली बोतलें
  • शराब निर्माण सामग्री

हालांकि इस पूरे सिंडिकेट का एक प्रमुख आरोपी विनय सिंह ठाकुर अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

फरार आरोपी के घर पहुंची पुलिस

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपी विनय सिंह ठाकुर के विकास नगर स्थित निवास पर दबिश दी।

जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और आसपास पूछताछ करने के बाद पता चला कि आरोपी और उसके परिवार के सदस्य कई दिनों से घर पर नहीं हैं।

इसके बाद पुलिस ने:

  • मकान के प्रवेश द्वार पर नोटिस चस्पा किया।
  • तीन दिनों के भीतर थाना कोतरारोड़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
  • संपत्तियों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
  • कानूनी कार्रवाई की तैयारी प्रारंभ कर दी।

पुलिस ने दिए सख्त संकेत

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई में शामिल हैं:

  • लगातार दबिश
  • तकनीकी निगरानी
  • मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग
  • मुखबिर तंत्र की सहायता
  • संपत्तियों की जांच

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपी को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।

जिले में अवैध कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी

नकली शराब सिंडिकेट के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बाद जिले में अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि नकली शराब बनाकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।