रायपुर। मानसून के आगमन और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों को 15 जून से 1 अक्टूबर 2026 तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। इस अवधि में जंगल सफारी और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
वन विभाग के अनुसार वर्षा ऋतु में जंगलों के भीतर स्थित कच्चे मार्ग, सफारी ट्रैक और नदी-नालों के रास्ते प्रभावित हो जाते हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा बढ़ जाता है। साथ ही यह समय अधिकांश वन्यजीवों के प्रजनन और शावकों के पालन-पोषण का होता है, इसलिए उन्हें प्राकृतिक और शांत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मानव हस्तक्षेप सीमित किया जाता है।
ये प्रमुख संरक्षित क्षेत्र रहेंगे बंद
अचानकमार टाइगर रिजर्व
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
राज्य के अन्य सभी अधिसूचित अभयारण्य और संरक्षित वन क्षेत्र
बंद अवधि में क्या करेगा वन विभाग?
पर्यटकों के प्रवेश पर रोक के दौरान वन विभाग कई महत्वपूर्ण संरक्षण कार्य करेगा, जिनमें शामिल हैं:
अवैध शिकार रोकने के लिए गश्त और निगरानी बढ़ाना
वन्यजीवों की विशेष मॉनिटरिंग
प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन
सफारी मार्गों, ट्रैकों और पर्यटन सुविधाओं की मरम्मत
आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियां
2 अक्टूबर से फिर शुरू होगा पर्यटन
वन विभाग ने बताया कि वन्यप्राणी सप्ताह के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 से जंगल सफारी और पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू की जाएंगी। विभाग का मानना है कि मानसून के दौरान यह “ग्रीन ब्रेक” वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सतत पर्यटन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
वन्यजीव प्रेमियों को अब करीब साढ़े तीन महीने का इंतजार करना होगा, जिसके बाद छत्तीसगढ़ के जंगल एक बार फिर पर्यटकों के स्वागत के लिए खुल जाएंगे।

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