नीमच। अच्छी उपज होने के बावजूद मध्य प्रदेश के किसानों की परेशानियां खत्म नहीं हो रही है। यहां की मंडियों में फसल का रेट लागत मूल्य से काफी कम मिल रहा है। मंडी में फसल बेचने पर लागत मूल्य तो दूर कई बार वाहन के भाड़े के पैसे भी नहीं निकल पाते हैं। स्थिति ये हो गई है कि कड़ी मेहनत से उपजाई फसल को अब किसान नष्ट करने पर मजबूर हो गए हैं। ऐसा ही एक वीडियो नीमच जिले से सामने आया है, जहां एक किसान ने ट्रक भर लहसुन पुल से नीचे फेंक दिया।
वायरल वीडियो नीमच जिले के जावद तहसील अंतर्गत गांव चौकानखेडा का है। यहां किसान दिनेश अहीर ने लगभग 1 बीघे से उत्पादन की हुई 40 बोरी लहसुन की पानी में बहा दिया। उन्होंने बताया कि जो लागत लगाई थी वह भी आज नहीं मिल रही है। हालात और दाम ऐसे हैं कि लहसुन को मंडी में ले जाकर बेचने पर भाड़ा भी नहीं निकल पाएगा। इससे परेशान होकर उन्होंने गुस्से में अपनी सारी लहसुन को पानी में बहा दिया।
दिनेश अहीर ने बताया कि उन्होंने 13 हजार 600 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बीज लगाए थे। नार्मल एक क्विंटल का भाव 5 हजार रुपए होना चाहिए, लेकिन लहसुन 200 रुपये क्विंटल के रेट से खरीदा जा रहा है। ऐसे में बीज की कीमत तो दूर उसकी बुआई में लगाए गए मजदूरों का खर्च तक नहीं निकल रहा है। उन्होंने कहा कि, सरकार को लेहसुन की दर पर कम से कम 5 हजार रुपए क्विंटल का भाव तो दिलाना चाहिए।
एक और जहां सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की बात कही थी। वहीं, दूसरी ओर हालात इसके उलट है। धरातल पर किसान अभी भी परेशान हैं। किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही है। एमपी के नीमच और मंदसौर जिले में बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती की जाती है। लेकिन, जिले के किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल रहा।

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