August 18, 2026

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MP News: लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी पर मोहन सरकार का बड़ा फैसला, अगले 5 साल में खर्च होंगे ₹1.30 लाख करोड़

भोपाल। मध्य प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार के इस फैसले से इन दोनों महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ आगे भी पात्र महिलाओं और बेटियों को मिलता रहेगा।

कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, अगले पांच वर्षों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यानी दोनों योजनाओं के लिए कुल मिलाकर करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लाड़ली बहना योजना को 5 साल का एक्सटेंशन

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है।

इस योजना के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें परिवार के फैसलों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है।

पांच साल के लिए योजना को मंजूरी मिलने के बाद लाभार्थी महिलाओं के बीच इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। सरकार के अनुसार, योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक लगातार पहुंचाने पर जोर रहेगा।

लाड़ली बहना योजना पर कितना खर्च होगा?

  • योजना की अवधि: अगले 5 साल
  • प्रस्तावित खर्च: ₹1,14,365 करोड़
  • संबंधित विभाग: महिला एवं बाल विकास
  • मुख्य उद्देश्य: महिला आर्थिक सशक्तिकरण

लाड़ली लक्ष्मी योजना भी रहेगी जारी

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी अगले पांच साल तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना का फोकस प्रदेश की बेटियों के जन्म, शिक्षा और भविष्य को लेकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर है।

सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए इस योजना पर 16,326 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। योजना के जरिए बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और समाज में बेटियों को लेकर सकारात्मक सोच मजबूत करने की दिशा में काम किया जाता है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना का बजट

  • अवधि: अगले 5 साल
  • प्रस्तावित खर्च: ₹16,326 करोड़
  • मुख्य फोकस: बालिका कल्याण और शिक्षा
  • उद्देश्य: बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत करना

दोनों योजनाओं पर ₹1.30 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च

कैबिनेट के फैसले का सबसे बड़ा पहलू इन दोनों योजनाओं के लिए प्रस्तावित बजट है।

  • लाड़ली बहना योजना: ₹1,14,365 करोड़
  • लाड़ली लक्ष्मी योजना: ₹16,326 करोड़
  • कुल: ₹1,30,691 करोड़

इससे साफ है कि महिला और बालिका कल्याण मध्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में बना हुआ है।

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा नया मिशन

कैबिनेट बैठक में ‘अविरल निर्मल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को भी मंजूरी दी गई। इस मिशन का उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और सतत प्रवाह को बनाए रखने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा।

नर्मदा मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियों में शामिल है और प्रदेश के सामाजिक, धार्मिक, कृषि तथा पर्यावरणीय जीवन में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। नए मिशन के जरिए नदी संरक्षण से जुड़े प्रयासों को एक व्यापक ढांचे में आगे बढ़ाने की योजना है।

सड़क विकास निगम में 35 नए पद

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इससे सड़क परियोजनाओं की निगरानी, संचालन और प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। ऐसे में निगम में नए पदों के सृजन से प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

किसानों और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी फैसले

कैबिनेट बैठक में किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। सरकार की ओर से किसानों के हित में योजनाओं और सुविधाओं को मजबूत करने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।

मंगलवार की बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें महिला कल्याण, बालिका शिक्षा, किसान हित, स्वास्थ्य, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषय शामिल रहे।

महिलाओं और बेटियों पर सरकार का फोकस

लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पांच साल का विस्तार मध्य प्रदेश सरकार की महिला और बालिका केंद्रित नीतियों की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और बेटियों की शिक्षा एवं भविष्य को बेहतर अवसर देने की दिशा में भी काम करना है।

कैबिनेट के फैसलों के बाद अब संबंधित विभाग बजट प्रावधान और योजना के आगामी संचालन को लेकर जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। अगले पांच वर्षों के लिए मिले इस विस्तार से इन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को आगे भी सरकारी सहायता और योजनागत लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।