रायपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार और समाज पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा कि तंबाकू निषेध दिवस लोगों को तंबाकू सेवन के खतरों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
तंबाकू से बढ़ता है गंभीर बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू का सेवन कई जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। मंत्री ने भी लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि तंबाकू से कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जैसे—
- कैंसर का खतरा बढ़ना
- हृदय रोगों की संभावना
- श्वसन संबंधी बीमारियां
- फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी
- मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव
उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन धीरे-धीरे व्यक्ति की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति दोनों को प्रभावित करता है।
नशामुक्त समाज के लिए सरकार के प्रयास
श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार नशा मुक्ति और जनजागरूकता को लेकर लगातार काम कर रही है। प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
सरकार द्वारा किए जा रहे प्रमुख प्रयास:
- स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम
- महाविद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान
- ग्राम पंचायतों में जनसंवाद
- युवाओं के लिए प्रेरक गतिविधियां
- स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता शिविर
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराना है।
युवाओं से विशेष अपील
मंत्री ने युवाओं से सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा ही कल का भविष्य है। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज और राज्य दोनों मजबूत बनेंगे।
उन्होंने कहा कि खेल, शिक्षा, योग और रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को नशे की लत से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
समाज कल्याण मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। परिवार, समाज, शिक्षण संस्थान और सामाजिक संगठन मिलकर इस दिशा में प्रभावी बदलाव ला सकते हैं।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हमें यह संदेश देता है कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी पूंजी है। यदि हम आज तंबाकू से दूरी बना लें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं।

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