August 11, 2026

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पहाड़ों पर 5 हजार सीड बॉल का बीजारोपण, जल-मृदा संरक्षण के साथ ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार; मंत्री टंक राम वर्मा ने की बड़ी पहल

सीड बॉल अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल, मृदा और पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सीड बॉल अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम छुहीपाली स्थित पठारी क्षेत्र में पहुंचकर सीड बॉल अभियान में सहभागिता की।

मंत्री ने यहां करीब 5 हजार सीड बॉल का वृहद बीजारोपण किया। इसके साथ ही नवनिर्मित डबरी की मेड़ पर 30 पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

क्या है सीड बॉल तकनीक?

सीड बॉल पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण की एक सरल तकनीक है। इसमें मिट्टी, खाद और विभिन्न बीजों को मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां तैयार की जाती हैं। इन्हें अच्छी तरह सुखाने के बाद खाली, पथरीली, दुर्गम या पहाड़ी जमीन पर डाला जाता है।

बारिश होने पर सीड बॉल की मिट्टी धीरे-धीरे घुलती है और उसमें मौजूद बीजों को अंकुरण के लिए आवश्यक नमी मिलती है। इसके बाद बीज प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर पौधों का रूप लेते हैं। इससे ऐसे क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने में मदद मिलती है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधारोपण करना कठिन होता है।

जल और मृदा संरक्षण पर जोर

मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना और भू-जल स्तर को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छुहीपाली के पहाड़ी क्षेत्र में सीड बॉल बीजारोपण के साथ स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण जल और मृदा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों से केवल पर्यावरण को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि बारिश के मौसम में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

छुहीपाली में किए जा रहे प्रमुख कार्य

  • पठारी क्षेत्र में 5 हजार सीड बॉल का बीजारोपण
  • नवनिर्मित डबरी की मेड़ पर 30 पौधों का रोपण
  • दो हेक्टेयर पहाड़ी ढलान क्षेत्र में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण।
  • अब तक करीब 2,400 ट्रेंच तैयार किए जा चुके हैं।
  • ट्रेंच निर्माण पर करीब 5.60 लाख रुपये की लागत।
  • पहाड़ी क्षेत्र के पानी को सहेजने के लिए नए तालाब का निर्माण।
  • जल संरक्षण के साथ मिट्टी के कटाव को रोकने की पहल।

2,400 ट्रेंच से रोका जाएगा पानी का बहाव

ग्राम पंचायत छुहीपाली के करीब दो हेक्टेयर पहाड़ी ढलान क्षेत्र में स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच तैयार किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य पहाड़ से तेजी से नीचे बहने वाले बारिश के पानी की गति को कम करना है। इससे पानी को जमीन में समाने के लिए अधिक समय मिलेगा और भू-जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी।

साथ ही तेज बहाव के कारण होने वाले मिट्टी के कटाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा। क्षेत्र में अब तक करीब 2,400 ट्रेंच बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा पहाड़ी जल को संरक्षित करने के लिए एक नए तालाब का निर्माण भी पूरा किया गया है।

महिलाओं और ग्रामीणों से मंत्री ने किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान मंत्री टंक राम वर्मा ने स्थानीय महिलाओं से बातचीत कर शासन की योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि के नियमित भुगतान के बारे में भी पूछा। महिलाओं ने योजना की राशि नियमित रूप से मिलने की जानकारी देते हुए संतोष व्यक्त किया।

मंत्री ने क्षेत्र के बच्चों से भी बातचीत की और उनके नाम, पढ़ाई तथा आसपास उपलब्ध स्कूली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका का माध्यम

छुहीपाली में चल रहे सीड बॉल अभियान की खास बात यह है कि इसे केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रखा गया है। जल संरक्षण, मिट्टी बचाने और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास एक साथ किया जा रहा है।

‘वीबीजीरामजी’ योजना और ‘बिहान’ समूह की महिलाओं की भागीदारी से अभियान को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिल रही है। ग्रामीणों की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक श्रीमती केराबाई मनहर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, बिहान समूह की महिला सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

छुहीपाली में सीड बॉल बीजारोपण, ट्रेंच निर्माण और तालाब तैयार करने की पहल यह दिखाती है कि यदि जल और मृदा संरक्षण के कार्यों को ग्रामीणों की भागीदारी और रोजगार से जोड़ा जाए, तो पर्यावरण संरक्षण के साथ गांवों की आजीविका को भी मजबूत किया जा सकता है।