August 11, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

सितार गुटखा कारोबारी पर GST का बड़ा शिकंजा, 317 करोड़ की टैक्स-पेनल्टी; 12 संपत्तियों पर कुर्की का खतरा

GST कार्रवाई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने कारोबारी के खिलाफ करीब 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के मुताबिक निर्धारित राशि को 90 दिनों के भीतर जमा करना होगा। तय अवधि में भुगतान नहीं होने की स्थिति में विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।

जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के अनुसार यह कारोबार कथित तौर पर करीब पांच वर्षों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।

‘सितार’ नाम से गुटखा सप्लाई का दावा

जांच के दौरान विभाग को ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किए जाने की जानकारी मिलने की बात कही गई है। विभाग ने कथित तौर पर पांच वर्षों के कारोबार का आकलन किया और इसी आधार पर टैक्स तथा पेनल्टी की राशि निर्धारित की।

विभागीय कार्रवाई का दायरा केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहा। जांच टीम ने गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े अलग-अलग ठिकानों की पड़ताल की।

मामले में अब तक सामने आई प्रमुख बातें

  • राज्य जीएसटी विभाग ने 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी का आदेश जारी किया।
  • राशि जमा करने के लिए 90 दिन की अवधि निर्धारित की गई है।
  • विभाग ने कारोबारी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है।
  • भुगतान नहीं होने पर संपत्तियों की कुर्की से बकाया वसूली की कार्रवाई संभव है।
  • विभाग के अनुसार मामले में कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है।
  • जांच के दौरान कारोबारी के तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाए जाने की बात कही गई है।

तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाने का दावा

जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान कारोबारी के तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है।

विभाग के अनुसार इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि संबंधित कर्मचारी बाद में अदालत में अपने बयान से मुकरते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

12 संपत्तियां विभाग के रडार पर

जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किए जाने की बात कही है। विभाग के आदेश के मुताबिक यदि 90 दिनों के भीतर 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी राशि जमा नहीं होती है, तो इन संपत्तियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है।

इस संभावित कार्रवाई का उद्देश्य बकाया सरकारी राशि की वसूली करना बताया गया है।

जुलाई 2025 में फैक्ट्रियों पर हुई थी जांच

जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़े जोरातराई और गनियारी स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। विभाग के अनुसार जांच के दौरान दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की पैकिंग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद जांच का दायरा कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री तक पहुंचा। यहां भी अधिकारियों ने गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।

छिंदवाड़ा से कर्मचारी बुलाने की जानकारी

जांच में यह जानकारी सामने आने की बात भी कही गई है कि ‘सितार’ गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने के लिए मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। इसके बाद विभाग ने गुटखे के कथित निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की।

फिलहाल 317 करोड़ रुपये के टैक्स और पेनल्टी आदेश के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब कारोबारी के सामने निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा करने की चुनौती है। ऐसा नहीं होने पर जीएसटी विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की और बकाया राशि की वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

नोट: ऊपर दी गई जानकारी विभागीय कार्रवाई और अधिकारियों के दावों पर आधारित है। अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित न्यायिक/विभागीय प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी।