June 15, 2026

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श्री गुरु अर्जुन देव जी की शहादत का अमर संदेश: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर गुरुद्वारा में श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और विशाल छबील में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी का जीवन सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में उपस्थित लोगों को शरबत और प्रसादी वितरित कर सेवा की परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को करुणा और मानव मूल्यों का संदेश दिया। सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।


गुरुद्वारा में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी: जीवन और संघर्ष की झलक

मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा में आयोजित श्री गुरु अर्जुन देव जी की जीवन यात्रा पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में उनके जन्म, गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण और ग्रंथ साहिब के संकलन जैसी घटनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
मुख्य आकर्षण रहे:

  • गुरु अर्जुन देव जी का दिव्य जन्म और प्रारंभिक जीवन
  • आध्यात्मिक प्रशिक्षण और समाज सेवा में योगदान
  • जहांगीर के साथ वैचारिक संघर्ष और गिरफ्तारी
  • असहनीय यातनाओं के बावजूद अडिग आस्था
  • शहादत का प्रेरक संदेश

मुख्यमंत्री का संदेश: सेवा और मानवता की सीख

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा:

“श्री गुरु अर्जुन देव जी का जीवन त्याग, तपस्या, सत्य और सेवा का महान उदाहरण है। उनके बलिदान और धैर्य से आज भी पूरी मानवता प्रेरित होती है।”

उन्होंने कहा कि छबील सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी में राहगीरों को शरबत पिलाना निस्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।


सिक्ख समाज का योगदान और नई पीढ़ी के लिए संदेश

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित इस छायाचित्र प्रदर्शनी को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह नई पीढ़ी को गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष और आध्यात्मिक चेतना से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलें।