छत्तीसगढ़ में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन समेत कुल 5 दवाओं को अमानक (Substandard) घोषित किया है। इसके बाद पूरे स्वास्थ्य तंत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और सभी जिलों को तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जांच में पाया गया कि कुछ दवाओं के बैच गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। सबसे गंभीर मामला ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के एक बैच से जुड़ा है, जिसे अत्यधिक महत्वपूर्ण दवा माना जाता है।
प्रमुख बिंदु:
- ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का बैच नंबर-7881 अमानक पाया गया
- 4 अन्य दवाएं भी गुणवत्ता परीक्षण में फेल
- दवाओं की बिक्री और उपयोग पर तत्काल रोक के निर्देश
- सभी जिलों में स्टॉक जांच अभियान शुरू
किन दवाओं पर उठे सवाल?
जांच रिपोर्ट के अनुसार जिन दवाओं के बैच अमानक पाए गए, उनमें शामिल हैं:
- नाक्पेन-पी (Nacpen-P)
- फ्लामो स्टार-एपी टैबलेट
- एसीएचई-पी (ACHE-P)
- कोल्डजिया टैबलेट
- ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन (बैच-7881)
प्रशासन का सख्त रुख
राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी दवा विक्रेताओं, थोक वितरकों और अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि:
- अपने पूरे स्टॉक की तुरंत जांच करें
- संदिग्ध बैच की दवाओं का उपयोग बंद करें
- किसी भी अमानक दवा की सूचना तुरंत जिला औषधि नियंत्रण कार्यालय को दें
- मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच कैसे हुई खुलासा?
जांच दो प्रमुख स्तरों पर की गई:
- केंद्रीय औषधि नियंत्रक संगठन की प्रारंभिक जांच
- रायपुर स्थित राज्य प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण
इन जांचों में दवाओं के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतर सके, जिसके बाद उन्हें अमानक घोषित किया गया।
सप्लाई चेन पर भी सवाल
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ दवाएं बाहरी राज्यों की कंपनियों से सप्लाई की गई थीं:
- उत्तराखंड (हरिद्वार) की कंपनी से नाक्पेन-पी सप्लाई
- हिमाचल प्रदेश की कंपनियों से एसीएचई-पी और कोल्डजिया टैबलेट सप्लाई
इससे दवा आपूर्ति श्रृंखला की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
विशेषज्ञों की चिंता
Chhattisgarh Doctors Federation के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि:
- पिछले कुछ वर्षों में अमानक दवाओं के मामले बढ़े हैं
- इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है
- दवा गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत करने की जरूरत है
जनता के लिए जरूरी सलाह
- दवाएं हमेशा पंजीकृत मेडिकल स्टोर से ही लें
- दवा का बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें
- किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत प्रशासन को दें
- बिना डॉक्टर की सलाह दवा का उपयोग न करें

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