रायपुर। रायपुर में जाली नोटों की तस्करी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का राजफाश हुआ है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर रिंग रोड स्थित हंस ट्रैवल्स कार्यालय में दबिश दी गई। जानकारी के अनुसार, ट्रैवल कंपनी के माध्यम से बड़ी मात्रा में जाली नोट एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाए जा रहे थे। डीआरआई की पांच सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करते हुए मौके से तीन बोरे बरामद किए, जिनमें 10, 20 और 50 रुपये के नोट भरे हुए थे।
कोलकाता से दिल्ली भेजी जा रही थी खेप, संदिग्धों के नाम आए सामने
अधिकारियों ने इन नोटों को जब्त कर जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक तौर पर नोटों को संदिग्ध माना जा रहा है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पुष्टि हो सके कि वे पूरी तरह जाली हैं या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, यह खेप पश्चिम बंगाल के कोलकाता से भेजी गई थी। उदय सिंह बिस्वाल नामक व्यक्ति ने इन नोटों को दिल्ली पहुंचाने के लिए ट्रांसपोर्ट के जरिए रवाना किया था, जहां इन्हें कमल किशोर गुप्ता नाम के व्यक्ति को सौंपा जाना था।
संगठित गिरोह की आशंका और नेटवर्क की जांच
डीआरआई को पहले से इस गतिविधि की भनक लग चुकी थी, जिसके चलते समय रहते कार्रवाई कर इस खेप को पकड़ लिया गया। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो लंबे समय से जाली नोटों की सप्लाई में सक्रिय है। फिलहाल डीआरआई पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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