May 31, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

निफ्टी की उड़ान जारी! दिग्गज निवेशक की भविष्यवाणी, जल्द ही 30,000 का आंकड़ा होगा पार

Stock Market Outlook: ग्लोबल निवेश बैंकिंग दिग्गज जेपी मॉर्गन ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपना रुख और मजबूत कर दिया है। कंपनी ने भारत के बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स का बेस-केस लक्ष्य बढ़ाकर 2026 के अंत तक 30,000 कर दिया है। लेटेस्ट रिपोर्ट में जेपी मॉर्गन ने कहा कि स्थिर राजकोषीय और मौद्रिक नीति, घरेलू मांग में मजबूती और लगातार बेहतर होते आर्थिक संकेतक भारतीय इक्विटी बाजार के लिए मजबूत सहारा साबित होंगे।

क्या है डिटेल

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीद एवं विदेशी पूंजी प्रवाह से अनुकूल वैश्विक रुझानों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी बृहस्पतिवार अपने-अपने नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 416.67 अंक उछलकर 86,026.18 अंक के अपने नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को यह 85,978.25 अंक पर पहुंचा था। एनएसई निफ्टी 101.65 अंक की बढ़त के साथ 26,306.95 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी ने इससे पहले 27 सितंबर 2024 को कारोबार के दौरान 26,277 अंक के उच्च स्तर को छुआ था।

इन शेयरों में तेजी

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे अधिक लाभ में रहे। दूसरी ओर इटर्नल, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में गिरावट रही।

क्या है रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर होती कमाई, स्थिर वृद्धि, नरम मुद्रास्फीति और मजबूत घरेलू निवेश प्रवाह बाजार को ऊपर की ओर ले जा रहे हैं। रॉयटर्स के एक हालिया सर्वेक्षण में अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि निफ्टी 2026 के अंत तक 28,500 और 2027 के मध्य तक 28,850 तक पहुंच सकता है। हालांकि निफ्टी ने इस वर्ष लगभग 11% की बढ़त दर्ज की है, लेकिन यह अभी भी कई एशियाई और उभरते बाजारों से पीछे है। इसका मुख्य कारण पिछले एक साल से कमजोर कॉर्पोरेट कमाई और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बताई जा रही है। जेपी मॉर्गन ने यह भी उम्मीद जताई है कि भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की और कटौती कर सकता है, जिससे हालिया कर कटौती के साथ मिलकर खपत, ऋण वृद्धि और ऑटो सेक्टर में मांग को अतिरिक्त बढ़ावा मिलेगा।