June 10, 2026

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50% बच्चे यौन उत्पीड़न के शिकार:सेक्स एजुकेशन न मिलने से समझ नहीं पाते

नई दिल्ली.

केस-1: जिनके साथ खेलता था, उन्हीं दोस्तों ने ले ली जान

1 अक्टूबर 2020 को दिल्ली के सीलमपुर में 10 साल के बच्चे की जान चली गई। पुलिस जांच में पता चला कि उसके साथ उसकी ही उम्र के 3 दोस्तों ने रेप किया था। उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी। बुरी तरह जख्मी बच्चा दर्द से छटपटाता रहा, लेकिन 3 दिन तक किसी को घटना के बारे में बता नहीं सका। आखिर में मां ने समझा-बुझाकर पूछा, तब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 13 दिन तक इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।

केस-2: रेप के बाद प्रेग्नेंट हुई बच्ची, डिलीवरी के बाद मौत

राजस्थान के उदयपुर में 13 साल की एक बच्ची को बहलाकर एक व्यक्ति रेप करता रहा। पीड़िता के प्रेग्नेंट होने के कुछ महीनों के बाद परिवार को पता चला, तो आरोपी पकड़ा गया।

डॉक्टरों के मुताबिक अबॉर्शन से पीड़िता की जान को खतरा था, इसलिए उसका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्ची कोमा में चली गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोपी पहले से शादीशुदा और 2 बच्चों का बाप निकला।

केस-3: नवरात्रि के दौरान कंडोम और प्रेग्नेंसी रोकने वाली दवाओं की बिक्री, कपल्स की जासूसी

नवरात्रि में डांडिया-गरबा नाइट्स जैसे इवेंट्स धूमधाम से आयोजित होते हैं। इस दौरान कंडोम की बिक्री में बूम आने की मीडिया रिपोर्ट्स आम हैं। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक नवरात्रि के दौरान खासकर गुजरात जैसे राज्यों में न सिर्फ कंडोम की बिक्री में 20 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी होती है, बल्कि ‘अनप्रोटेक्टेड सेक्स’ के बाद प्रेग्नेंसी रोकने वाली इमर्जेंसी गोलियों की डिमांड भी बढ़ जाती है।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि त्योहार के बाद अबॉर्शन और ‘सेक्शुअली ट्रांसमीटेड इंफेक्शंस (STI)’ के मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। यही नहीं, पेरेंट्स इन इवेंट्स में जाने वाले बच्चों की जासूसी तक करवाते हैं।

3 मामले। तीनों का अलग नेचर। इनमें से 2 बच्चों के यौन शोषण से जुड़े हैं, तो तीसरा मामला टीनेजर्स और युवाओं से संबंधित है। लेकिन, क्या इनमें आपस में भी कोई संबंध है?