April 17, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

मिशन BMC के लिए क्यों खुश भाजपा और एकनाथ शिंदे, पीएम नरेंद्र मोदी…

शिवसेना से अलग होकर एकनाथ शिंदे के भाजपा के साथ आने के बाद पहली सियासी परीक्षा महाराष्ट्र में होने जा रही है। बीएमसी चुनाव जल्दी ही होने वाले हैं, जिसमें शिवसेना परंपरागत रूप से मजबूत रही है। लेकिन एकनाथ शिंदे को अपने साथ लाकर भाजपा उत्साहित है और इस बार बीएमसी चुनाव में भी बड़ी सफलता की उम्मीद कर रही है। भाजपा ने इसके लिए चुनावी अभियान की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी मुंबई पहुंचने वाले हैं। अगले सप्ताह 18 या 19 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी मुंबई में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट ने पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इस आयोजन में बड़ी भीड़ जुटाने की तैयारी है ताकि बीएमसी चुनाव के लिए माहौल बनाया सके। मुंबई महानगरपालिका में बीते 25 सालों से शिवसेना सत्ता में है और पहली बार भाजपा को ऐसा लग रहा है कि वह सत्ता में लौट सकती है। बीएमसी के चुनाव मार्च 2022 में ही होने थे, लेकिन लगातार लटक रहे हैं। फिलहाल बीएमसी का प्रशासन कमिश्नर आईएस चहल संभाल रहे हैं। भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट ने मंगलवार रात को एक मीटिंग बुलाई थी, जिसमें मोदी के दौरे को लेकर बात हुई।

भाजपा की मीटिंग में भी शामिल होंगे पीएम मोदी

शिंदे गुट और भाजपा के सांसदों एवं विधायकों की मौजूदगी इस बैठक में थी। पीएम नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे में भाजपा की एक मीटिंग में भी हिस्सा ले सकते हैं। उद्धव ठाकरे सरकार की विदाई के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पहली बार मुंबई पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि भाजपा और शिंदे गुट के अलावा विपक्षी दलों की नजर भी पीएम नरेंद्र मोदी की विजिट पर है। 

2017 में भी महज दो सीटों से ही पीछे थी भाजपा

दरअसल 2017 के बीएमसी चुनाव में शिवसेना ने सबसे ज्यादा 84 सीटें जीती थीं और भाजपा को 82 पर जीत मिली थी। ऐसे में भाजपा को लगता है कि शिवसेना इस बार बंट गई है। इससे उसके वोटों पर असर पड़ेगा और वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर सकती है। बीएमसी की सत्ता में आना भाजपा के लिए बड़ा सफलता होगी। यही वजह है कि पीएम नरेंद्र मोदी तक के चेहरे को इस्तेमाल करने की कोशिश बीएमसी इलेक्शन में हो रही है।