नई दिल्ली. अक्सर कई बार माता-पिता को अपने बच्चों को लेकर यह शिकायत करते हैं कि उनका बच्चा रात को सोते समय अपने दांत किटकिटाता या पीसने लगता है। यह समस्या सिर्फ छोटे बच्चों के साथ ही नहीं बल्कि कई बार युवाओं में भी देखने को मिलती है। इस समस्या को मेडिकल भाषा में ब्रुक्सिस्म (Bruxism) कहा जाता है। इस समस्या में लोग दांतों को आपस में रगड़ते हैं, और उन्हें पता भी नहीं चलता है। खास बात यह है कि यह समस्या लोगों को रात को सोते समय अधिक परेशान करती है। जिसे लोग सामान्य दैनिक आदत समझ कर टालते रहते हैं, लेकिन यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है।
ब्रुक्सिस्म से होने वाले नुकसान-
सोते समय दांत किटकिटाने या ब्रुक्सिज्म चिंता, तनाव और अवसाद जैसी मानसिक विकारों के कारण होता है, साथ ही धूम्रपान, तंबाकू और शराब का अधिक सेवन भी इसके कुछ आम कारण हैं। ब्रुक्सिस्म की समस्या आपके दांतों को नुकसान पहुंचाकर उन्हें कमजोर बना देती है। जिससे वो समय से पहले झड़ने लगते हैं।
सोते समय दांत किटकिटाने की समस्या दूर करने के उपाय-
सिकाई करें-
गर्म सिकाई करने से जबड़ों के मांसपेशियों को आराम मिलता और उनमें सूजन कम होती है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इसके लिए आप हॉट बैग, या गर्म तवा और सूती कपड़े की मदद से दोनों तरफ जबड़ों की अच्छी तरह सिकाई करें। इससे बहुत आराम मिलेगा।
तनाव करें कम-
अक्सर तनाव अधिक होने की वजह से भी लोगों में दांत किटकिटाने की समस्या होने लगती है। जिससे छुटकारा पाने के लिए मेडिटेशन करने के साथ खुश और शांत रहें।
हल्दी में दूध मिलाकर पिएं-
हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। जिससे यह जबड़ों में अकड़न, सूजन और दर्द आदि को दूर कर उन्हें आराम प्रदान करने में प्रभावी है।
जबड़े की स्ट्रेचिंग करें-
जबड़े को बार-बार ऊपर-नीचे, आगे-पीछे की ओर स्ट्रेच कर सकते हैं, इसके अलावा आप च्यूंगम चबाकर भी जबड़ों की एक्सरसाइज कर सकते हैं।

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