September 2, 2026

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राम मंदिर को मिला पहला CEO! रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा की नियुक्ति, ट्रस्ट ने लिए कई बड़े फैसले

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक का सबसे बड़ा फैसला राम मंदिर के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर रहा। ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO बनाने का निर्णय लिया है।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित करने के लिए CEO की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कौन हैं जीतेंद्र मिश्रा?

रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सैन्य सेवा के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।

दी गई जानकारी के अनुसार, उन्हें स्वतंत्रता दिवस 2025 पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2024 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक भी मिला था।

उनका लंबा प्रशासनिक और सैन्य अनुभव अब राम मंदिर के प्रबंधन में काम आ सकता है।

ट्रस्ट की बैठक में तीन नए सदस्य शामिल

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में केवल CEO की नियुक्ति ही नहीं हुई, बल्कि ट्रस्ट के रिक्त सदस्य पदों को भरने पर भी निर्णय लिया गया।

बैठक में महेश भागचंद, मदनमोहन पाण्डेय और निर्मला यादव को नए सदस्य के तौर पर शामिल किया गया।

इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने चढ़ावा चोरी मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दिया था। छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे।

इसके बाद खाली हुए पदों को अब नए सदस्यों के जरिए भरा गया है।

बैठक में कई प्रमुख पदाधिकारी हुए शामिल

बैठक महंत नृत्य गोपाल दास के मणिरामदास छावनी स्थित आवास पर दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई।

इसमें ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।

बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में:

दिनेश
कमलनयन दास
दिनेन्द्र दास
कृष्ण मोहन
बीएल बांगड़ा

शामिल रहे।

इसके अलावा कई सदस्य ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े। इनमें शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, विश्व प्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष स्वामी परमानंद, केशव पारासरन, शशांक त्रिपाठी, नृपेन्द्र मिश्र, प्रशांत लोखंडे और संजय प्रसाद शामिल रहे।

CEO के चयन के लिए बनाई गई थी सर्च कमेटी

जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर फैसला अचानक नहीं हुआ। इससे पहले CEO के चयन के लिए एक सर्च कमेटी बनाई गई थी।

मंगलवार को सर्च कमेटी ने ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को CEO पद के लिए संभावित नामों का पैनल सौंपा था। इसके बाद ट्रस्टियों को राम मंदिर बुलाया गया।

सर्च कमेटी में तीन सदस्य शामिल थे:

जस्टिस प्रमोद कोहली
लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी
वैज्ञानिक एवं उद्योगपति सुरेश हावड़े

कमेटी के सदस्यों ने सबसे पहले राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। इसके बाद ग्रीन हाउस में ट्रस्ट की ओर से उनका सम्मान किया गया।

ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी चर्चा

बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

ट्रस्ट डीड में संभावित संशोधन के मुद्दे पर चर्चा की गई। इस संबंध में कानूनविद और ट्रस्टी केशव पारासरन से भी परामर्श किया गया।

इसके अलावा ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के कामकाज और उनके पुनर्गठन को लेकर भी विचार हुआ।

इन समितियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

धार्मिक न्यास समिति
निर्माण समिति
प्रबंध समिति
वित्त एवं ऑडिट समिति
क्यों अहम है CEO की नियुक्ति?

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार लगातार हो रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं और मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं।

ऐसे में CEO की नियुक्ति से मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधकीय कार्यों को एक केंद्रीकृत नेतृत्व मिल सकता है।

रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा का सैन्य और प्रशासनिक अनुभव इस जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अब उनकी अगुवाई में राम मंदिर से जुड़े प्रबंधन और भविष्य की व्यवस्थाओं को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला CEO नियुक्त किया गया। तीन नए ट्रस्ट सदस्य शामिल हुए और ट्रस्ट डीड समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।