रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने भर्ती और पदोन्नति से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने की कवायद तेज कर दी है। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्रालय में हुई बैठक में 1 जुलाई 2026 को लिए गए निर्णयों पर हुई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंत्री ने समयसीमा वाले कामों में देरी पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
700 पदों की भर्ती में तेजी के निर्देश
बैठक में शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सहायक प्राध्यापक के 700 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को भी तेज करने के लिए कहा गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा विभाग में खाली पदों को लंबे समय तक लंबित रखना विद्यार्थियों और शिक्षण व्यवस्था दोनों के हित में नहीं है। इसलिए भर्ती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
15 सितंबर तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश
बैठक में स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति से संबंधित लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री टंक राम वर्मा ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को 15 सितंबर 2026 तक पूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा ऐसे प्राध्यापकों के मामलों की भी समीक्षा की गई, जिन्हें पात्रता पूरी नहीं करने के बावजूद पदोन्नति मिलने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों की जांच और की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई।
वेतनमान के मामलों में देरी पर जताई चिंता
वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी के वेतनमान से जुड़े मामलों में देरी को लेकर मंत्री ने गंभीर चिंता जताई। विभाग में लंबित मामलों के कारण कुछ सहायक प्राध्यापकों को न्यायालय का रुख करना पड़ रहा है।
मंत्री ने अधिकारियों से न्यायालयीन प्रकरणों और लंबित याचिकाओं का विस्तृत ब्यौरा मांगा।
निर्देश दिया गया कि 1 अक्टूबर 2026 तक विचाराधीन सभी मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण कर संबंधित आदेश जारी किए जाएं।
इसके साथ ही शिक्षकों की पीएच.डी. अनुमोदन प्रक्रिया और मंत्री कार्यालय से भेजी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की भी रिपोर्ट तलब की गई।
कॉलेजों के बजट की पूरी जानकारी होगी उपलब्ध
समीक्षा बैठक में वित्तीय पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया। पिछली बैठक में मांगी गई बजट संबंधी जानकारी अधूरी मिलने पर मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय को आवंटित बजट की महाविद्यालयवार पूरी सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य बजट आवंटन और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट और पारदर्शी बनाना है।
अतिथि व्याख्याताओं के काम का होगा निरीक्षण
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षण कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्णय भी लिया गया।
इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश होगी कि कक्षाओं में शिक्षण व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
सीट बढ़ाने के लिए नया कैलेंडर बनाने का सुझाव
बैठक में कॉलेजों में सीट वृद्धि की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई। मंत्री ने नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत:
शासकीय और निजी कॉलेजों से सीट वृद्धि के प्रस्ताव दिसंबर तक लिए जाएंगे।
प्रस्तावों पर जनवरी तक स्वीकृति जारी करने की योजना होगी।
समय पर निर्णय होने से आदेशों में होने वाली त्रुटियों को कम किया जा सकेगा।
कॉलेजों को नए सत्र की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
लॉ और बीएड पाठ्यक्रमों पर भी फोकस
लॉ और बीएड जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
चार वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम से संबंधित एनसीटीई की शर्तों पर चर्चा के लिए एक विशेष टीम गठित कर दिल्ली भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार प्रति सेक्शन 60 विद्यार्थियों के अनुपात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां अभी से शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश
उच्च शिक्षा मंत्री की इस समीक्षा बैठक में भर्ती, पदोन्नति, वेतनमान, न्यायालयीन मामलों, बजट, प्रवेश और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर समयसीमा तय की गई।
700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के साथ 595 प्राध्यापक पदों की सीधी भर्ती और लंबित पदोन्नति मामलों को गति देने के निर्देश से उच्च शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित प्रक्रियाओं के जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद है।
बैठक में सचिव अविनाश चंपावत, आयुक्त रीता यादव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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