July 27, 2026

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राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के CM विजय, बोले- NEET खत्म करना ही छात्रों के हित में सबसे बड़ा समाधान

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) प्रमुख विजय ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे नेताओं पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी की हिरासत को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने जैसा बताया।

राहुल गांधी के समर्थन में उतरे CM विजय

मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान में कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने के लिए विपक्षी नेताओं का आगे आना जरूरी है। उन्होंने सोमवार को संसद के अंदर विपक्ष द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के प्रति भी अपनी पार्टी का समर्थन जाहिर किया।

उनके अनुसार—

  • छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
  • लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार महत्वपूर्ण है।
  • सरकार को युवाओं की चिंताओं पर जवाब देना चाहिए।

NEET खत्म करने की मांग दोहराई

मुख्यमंत्री विजय ने एक बार फिर अपनी पार्टी के पुराने रुख को दोहराते हुए NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि NEET का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनके परिवार भी प्रभावित होते हैं। उनका दावा है कि इस परीक्षा व्यवस्था से कई विद्यार्थियों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि—

  • NEET को समाप्त करना ही स्थायी समाधान है।
  • शिक्षा व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत है।
  • छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

शिक्षा को राज्य सूची में लाने की मांग

मुख्यमंत्री विजय ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर संवैधानिक बदलाव की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा को फिर से राज्य सूची में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि राज्यों को अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार फैसले लेने का अधिकार मिल सके।

उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक संवैधानिक बदलाव नहीं होता, तब तक शिक्षा और चिकित्सा प्रवेश जैसे विषयों के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे राज्यों को अधिक अधिकार मिल सकें।

वोट बैंक नहीं, स्थायी समाधान का दावा

विजय ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक लाभ के लिए वादे नहीं कर रही है, बल्कि वह स्थायी समाधान की मांग कर रही है।

उन्होंने कहा कि TVK ने पार्टी गठन के समय से ही NEET को लेकर अपना रुख स्पष्ट रखा है और इस समस्या के लिए अंतरिम तथा दीर्घकालिक दोनों समाधान सुझाए हैं।

केंद्र सरकार से की अपील

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से छात्रों और आम लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा जरूरी है और सरकार को युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

NEET को लेकर जारी है राजनीतिक बहस

NEET परीक्षा लंबे समय से देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रही है। कुछ दल इसे मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता का माध्यम बताते हैं, जबकि कई राज्य सरकारें और संगठन इसे राज्यों के अधिकारों से जोड़कर देखते हैं।

तमिलनाडु में विशेष रूप से NEET को लेकर लंबे समय से विरोध देखने को मिलता रहा है। अब राहुल गांधी की हिरासत और छात्रों के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री विजय के बयान ने इस बहस को फिर से राजनीतिक केंद्र में ला दिया है।

आने वाले समय में NEET और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे संसद और राज्यों की राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकते हैं।