August 9, 2026

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महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा एक्शन! ED ने टीवी एंकर शेफाली बग्गा से की पूछताछ, जांच में मिले अहम डिजिटल सबूत

रायपुर। चर्चित महादेव बेटिंग ऐप मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ की। जांच एजेंसी को संदेह है कि उनका संबंध इस मामले के कथित आरोपी खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी अदालत द्वारा शेफाली बग्गा को दोषी नहीं ठहराया गया है और जांच जारी है।

ED को किस बात का है संदेह?

ईडी के अनुसार, खंजन जगदीश कुमार ठक्कर को महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क का कथित प्रमुख हवाला ऑपरेटर माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि वह भारत में महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े वित्तीय लेन-देन और हवाला नेटवर्क के संचालन में शामिल था।

जांच के दौरान एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या शेफाली बग्गा का संबंध विदेशों, विशेष रूप से दुबई और लंदन से संचालित बताए जा रहे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार-प्रसार से रहा है।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच

ईडी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ डिजिटल साक्ष्य और प्रमोशनल सामग्री मिली है। एजेंसी के अनुसार, इन सामग्रियों में कथित तौर पर शेफाली बग्गा बेटिंग ऐप का प्रचार करती हुई दिखाई देती हैं और खेलों से जुड़े टिप्स साझा करने का भी उल्लेख है।

इन दावों की जांच अभी जारी है और एजेंसी डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है।

टेलीग्राम चैनल भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसी के मुताबिक, शेफाली बग्गा से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच की जा रही है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े प्रचार या अन्य गतिविधियों के लिए किया गया।

फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

महादेव बेटिंग ऐप मामला क्यों है चर्चा में?

महादेव बेटिंग ऐप केस देश के सबसे चर्चित वित्तीय जांच मामलों में से एक है। इस मामले में जांच एजेंसियां कथित तौर पर—

  • ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क
  • हवाला के जरिए धन के लेन-देन
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार-प्रसार
  • मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित पहलुओं

की जांच कर रही हैं।

जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं।

आगे क्या होगा?

ईडी ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी रहेगी। यदि जांच में कोई ठोस प्रमाण सामने आते हैं तो एजेंसी कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।

ध्यान दें: फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है। शेफाली बग्गा के खिलाफ लगाए गए आरोप ईडी के जांच संबंधी दावे हैं और इन्हें अभी अदालत में सिद्ध किया जाना बाकी है।