July 27, 2026

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क्या फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 4 साल बाद कोविड से 2 मौतें, 8 नए केस मिलने से बढ़ी सतर्कता

कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। आंध्र प्रदेश में पिछले चार सालों में पहली बार कोविड-19 संक्रमण से दो लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा राज्य में आठ नए संक्रमित मरीज भी मिले हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल इसे किसी नई कोरोना लहर या बड़े प्रकोप के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।

राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि ये मामले सीमित संख्या में सामने आए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी और जांच बढ़ा दी है।

आंध्र प्रदेश में मिले 8 नए कोविड केस

आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव एस. सुरेश कुमार ने बताया कि कडपा जिले में पांच कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके अलावा तीन अन्य लोग संक्रमितों के संपर्क में आने के बाद कोविड पॉजिटिव पाए गए।

सभी संक्रमित मरीजों को:

  • होम आइसोलेशन में रखा गया है।
  • जरूरत के अनुसार विशेष कोविड वार्ड में निगरानी की जा रही है।
  • स्वास्थ्य टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी मामलों की जांच की जा रही है ताकि संक्रमण के कारण और स्वरूप को समझा जा सके।

कोविड से हुई दो मौतें, जानिए मरीजों की स्थिति

पहला मामला: 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत

पहला मामला कडपा जिले के राजमपेट क्षेत्र का है। यहां रहने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति को गंभीर हालत में तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SVIMS) में भर्ती कराया गया था।

बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) रेफर किया गया।

मरीज पहले से कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे:

  • अनियंत्रित डायबिटीज।
  • किडनी संबंधी बीमारी।
  • अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं।

28 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद हुई आरटी-पीसीआर जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।

दूसरा मामला: 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत

दूसरा मामला कडपा शहर का है। 46 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी और लगातार खांसी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जांच में पता चला कि:

  • दोनों फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा था।
  • मरीज को गंभीर निमोनिया था।
  • कोविड संक्रमण जैसे लक्षण मौजूद थे।

इलाज के दौरान 7 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

नए वेरिएंट की जांच जारी

स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं ये मामले कोरोना के किसी नए सब-वेरिएंट के कारण तो नहीं हुए हैं।

इसके लिए:

  • संक्रमित मरीजों के थ्रोट और नेजल स्वैब सैंपल लिए गए हैं।
  • सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं।
  • रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों की एक समिति ने फिलहाल किसी नए खतरनाक वेरिएंट के फैलने की संभावना से इनकार किया है।

पड़ोसी राज्यों में भी बढ़ी निगरानी

आंध्र प्रदेश में मामलों के सामने आने के बाद आसपास के राज्यों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।

ओडिशा:

  • सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • टेस्टिंग प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।

तमिलनाडु:

  • स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि किसी खतरनाक स्ट्रेन के फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
  • स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।

क्या लोगों को डरने की जरूरत है?

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है। कोरोना वायरस अब भी मौजूद है और समय-समय पर इसके मामले सामने आते रहते हैं।

हालांकि कुछ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है:

  • बुजुर्ग व्यक्ति।
  • गर्भवती महिलाएं।
  • गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग।
  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य सावधानियां जैसे भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और बीमारी के लक्षण दिखने पर जांच कराना जरूरी है।

सरकार की नजर स्थिति पर

आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक सीमित संक्रमण का मामला हो सकता है।

फिलहाल सरकार ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है और नए मामलों, जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट तथा मरीजों की स्थिति के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।

कोरोना खत्म नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा स्थिति में विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराने के बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है।