July 29, 2026

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IITM बेंगलुरु में छाया छत्तीसगढ़! चित्रकोट से बस्तर तक पर्यटन की अनूठी पहचान ने खींचा देशभर का ध्यानछत्तीसगढ़ पर्यटन

छत्तीसगढ़ पर्यटन को IITM बेंगलुरु में मिली नई पहचान, निवेश और ट्राइबल टूरिज्म ने बटोरी सुर्खियां

छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इंडिया इंटरनेशनल ट्रैवल मार्ट (IITM) बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक धरोहर और निवेश की संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से राज्य ने देशभर के पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों, ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटर्स के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने प्रदेश को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। इस सहभागिता का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना भी रहा।

IITM बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ की प्रभावशाली मौजूदगी

देश के प्रमुख पर्यटन व्यापार आयोजनों में शामिल IITM बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आकर्षक स्टॉल के माध्यम से राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं को प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर—

पर्यटन नीति की जानकारी दी गई।
पर्यटन अधोसंरचना का प्रस्तुतीकरण किया गया।
निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
नए पर्यटन प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की गई।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बस्तर की जनजातीय संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा ने राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन उत्पादों का विस्तृत परिचय दिया।

उन्होंने विशेष रूप से जानकारी साझा की—

बस्तर का एथनिक ट्राइबल टूरिज्म
विश्वप्रसिद्ध घड़वा शिल्पकला
रामनामी समुदाय की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा
इको-टूरिज्म
धार्मिक पर्यटन
प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की विशेषताएं

उन्होंने देशभर के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंसियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित भी किया।

इन पर्यटन स्थलों ने खींचा सबसे ज्यादा ध्यान

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

मुख्य आकर्षण रहे—

चित्रकोट जलप्रपात
तीरथगढ़ जलप्रपात
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान
सिरपुर
भोरमदेव मंदिर
राम वन गमन पर्यटन परिपथ
वन्यजीव पर्यटन
इको-टूरिज्म
होम-स्टे नीति
बस्तर की जनजातीय संस्कृति

इन प्रस्तुतियों ने देशभर से आए आगंतुकों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

15 टूर ऑपरेटर्स और होटलियर्स ने किया प्रतिनिधित्व

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल से पंजीकृत 15 टूर ऑपरेटर्स और होटल व्यवसायियों ने भी भाग लिया।

उन्होंने—

बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों में हिस्सा लिया।
नए व्यावसायिक संपर्क स्थापित किए।
पर्यटन पैकेजों पर चर्चा की।
होटल सेवाओं और यात्रा संचालन में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

इन बैठकों से भविष्य में पर्यटन कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पर्यटन मंत्री ने क्या कहा?

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल करना सरकार की प्राथमिकताओं में है।

उन्होंने कहा कि—

राज्य की प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है।
पर्यटन से स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार बढ़ेगा।
निवेश के नए अवसर विकसित होंगे।
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे राष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में भागीदारी से कई क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है।

संभावित फायदे—

पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
स्थानीय हस्तशिल्प को नया बाजार
होटल उद्योग को बढ़ावा
जनजातीय संस्कृति का प्रचार
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
निजी निवेश को प्रोत्साहन
मुख्य बातें
IITM बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने प्रभावशाली भागीदारी की।
राज्य की प्राकृतिक, धार्मिक और जनजातीय पर्यटन विरासत का प्रदर्शन किया गया।
चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर और भोरमदेव प्रमुख आकर्षण रहे।
15 टूर ऑपरेटर्स और होटलियर्स ने B2B बैठकों में भाग लिया।
पर्यटन निवेश, इको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

IITM बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ की प्रभावशाली उपस्थिति ने राज्य की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय विरासत, धार्मिक स्थलों और निवेश की संभावनाओं के प्रभावी प्रदर्शन से प्रदेश को पर्यटन उद्योग में नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में शामिल करना है।